अगर आप दिल्ली-एनसीआर या देश के किसी भी हिस्से में रहते हैं, तो आपने सड़कों पर दौड़ते ई-रिक्शा (e-Rickshaw) और उनके द्वारा होने वाले जाम को महसूस किया होगा। हालांकि, आज के समय में यह आम जनता के लिए आने-जाने का सबसे बड़ा और सस्ता साधन बन चुके हैं। लेकिन, जरा सोचिए कि आप मजे से ई-रिक्शा में बैठे हों और अचानक कोई दूर खड़ा अनजान आदमी एक मोबाइल ऐप का बटन दबाकर आपके रिक्शे को बीच सड़क पर ही बंद (Switch Off) कर दे! सुनने में यह किसी हॉलीवुड फिल्म की हैकिंग जैसा लगता है, लेकिन भारत में ऐसा एक ऐप की मदद से हो रहा था।
इसी गंभीर सुरक्षा खतरे (Security Risk) को देखते हुए भारत सरकार के आईटी मंत्रालय (IT Ministry) ने एक बहुत बड़ा और कड़क फैसला लिया है। सरकार ने गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) और एप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store) को तुरंत आदेश देकर ‘BAT BMS’ नाम के एक मोबाइल ऐप को हटवा दिया है। सरकार के डंडे के बाद दोनों ही प्लेटफॉर्म्स ने इस ऐप को पूरी तरह से उड़ा दिया है। आइए, अब जानते हैं कि आखिर यह ऐप कैसे काम करता था और इसके खतरे क्या थे।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बताया कि BAT-BMS समेत दो ऐप्स को अब ऐप स्टोर्स से हटा दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा संबंधी जोखिम और संभावित दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सरकार इस पर लगातार नजर बनाए हुए है।
BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे लिथियम बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट करने के लिए तैयार किया गया है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल निर्माता कंपनियां, डीलर्स और सर्विस टेक्नीशियन बैटरी की स्थिति की निगरानी करने, चार्जिंग स्टेटस देखने, तकनीकी खराबियों का पता लगाने और बैटरी सेटिंग्स को कॉन्फिगर करने के लिए करते हैं।
हालांकि, हाल में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद यह ऐप विवादों में आ गया। कई ई-रिक्शा चालकों ने दावा किया कि उनके वाहन इस ऐप के जरिए रिमोटली लॉक कर दिए गए, जिससे वे सड़क पर फंस गए। कुछ चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन को दोबारा चालू करने के बदले उनसे पैसे मांगे गए। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
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