Google ने चुपचाप एक नया डिक्टेशन ऐप लॉन्च किया है. इसका नाम Google AI Edge Eloquent है. यह ऐप फिलहाल iOS पर उपलब्ध है और ऑफलाइन काम करने की क्षमता के साथ आता है. कंपनी ने ऐप स्टोर लिस्टिंग अपडेट करते हुए Android वर्जन का जिक्र हटाया है, लेकिन यह भी संकेत दिया है कि iOS कीबोर्ड जल्द आने वाला है. यह ऐप सीधे तौर पर Wispr Flow, SuperWhisper और Willow जैसे AI-आधारित वॉयस-टू-टेक्स्ट टूल्स को टक्कर देता है.
यह ऐप डाउनलोड करने के बाद Gemma-आधारित ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन मॉडल्स के जरिए काम करता है. एक बार मॉडल डाउनलोड हो जाए, तो यूजर बिना इंटरनेट के भी वॉयस से टेक्स्ट बना सकते हैं. डिक्टेशन के दौरान स्क्रीन पर लाइव ट्रांसक्रिप्शन दिखता है. जब यूजर रुकते हैं, तो ऐप खुद ही “um” और “ah” जैसे फालतू शब्द हटाकर टेक्स्ट को साफ और प्रोफेशनल बना देता है.
नीचे दिए गए विकल्पों की मदद से टेक्स्ट को अलग-अलग फॉर्म में बदला जा सकता है:
इस ऐप में लोकल-ओनली मोड का विकल्प भी दिया गया है, जिससे पूरा प्रोसेस डिवाइस पर ही होता है. वहीं क्लाउड मोड ऑन करने पर Gemini मॉडल्स टेक्स्ट को और बेहतर तरीके से सुधारते हैं. यह ऐप Gmail से कुछ जरूरी कीवर्ड, नाम या टेक्निकल शब्द भी इम्पोर्ट कर सकता है. इसके अलावा यूजर अपने कस्टम शब्द भी जोड़ सकते हैं.
ऐप में ट्रांसक्रिप्शन हिस्ट्री सेव रहती है, जिसे बाद में सर्च किया जा सकता है. इसके साथ ही यह यूजर को स्पीड और डेटा से जुड़े आंकड़े भी दिखाता है, जैसे:
हालांकि अभी यह ऐप सिर्फ iOS पर उपलब्ध है, लेकिन ऐप स्टोर डिस्क्रिप्शन में Android सपोर्ट का जिक्र किया गया है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, Android वर्जन आने पर यह ऐप डिफॉल्ट कीबोर्ड की तरह काम कर सकता है और किसी भी टेक्स्ट फील्ड में वॉयस टाइपिंग की सुविधा देगा. साथ ही फ्लोटिंग बटन फीचर भी मिल सकता है, जिससे कहीं से भी ट्रांसक्रिप्शन शुरू किया जा सके. AI-आधारित स्पीच-टू-टेक्स्ट ऐप्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और यह नया ऐप इसी ट्रेंड को आगे बढ़ाता है.
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