Elon Musk ने Twitter खरीदते ही निकाला था..अब बदला लेने को तैयार पराग अग्रवाल, मस्क से होगा अब सीधा मुकाबला

एक्स-Twitter CEO पराग अग्रवाल ने लगभग तीन साल बाद फिर से सिलिकॉन वैली में सुर्खियां बटोरी हैं. एलन मस्क द्वारा Twitter का अधिग्रहण होते ही जिस दिन उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया था, उसी दिन से शुरू हुई कहानी अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. इस बार अग्रवाल अपनी खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी लेकर आए हैं.

Parallel Web Systems Inc नाम के इस स्टार्टअप के जरिए अग्रवाल ने क्लाउड प्लेटफॉर्म पेश किया है, जिसे खासतौर पर AI सिस्टम्स की ऑनलाइन रिसर्च में मदद के लिए डिजाइन किया गया है.

Parallel Web Systems क्या करता है?

Parallel को 2023 में पराग अग्रवाल ने स्थापित किया था और अब यह Palo Alto में 25 लोगों की टीम के साथ काम कर रहा है. Khosla Ventures, First Round Capital और Index Ventures जैसे बड़े निवेशकों से कंपनी ने अब तक 30 मिलियन डॉलर जुटा लिए हैं.

कंपनी के ऑफिशियल ब्लॉग के अनुसार, Parallel की टेक्नॉलजी पहले से ही लाखों रिसर्च टास्क हर दिन हैंडल कर रही है और शुरुआती उपयोगकर्ताओं में कई तेज़ी से बढ़ रही AI कंपनियां शामिल हैं.

इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत है कि यह AI एप्लिकेशंस को रियल-टाइम पब्लिक वेब डेटा तक पहुंचने और उस जानकारी को सीधे अपने जवाबों में इस्तेमाल करने देता है. इसे ऐसे समझें जैसे AI को एक एडवांस्ड ब्राउज़र मिल गया हो, जो न केवल डेटा लाता है बल्कि उसकी पुष्टि करता है, उसे व्यवस्थित करता है और यहां तक कि अपने उत्तर पर खुद ही कॉन्फिडेंस लेवल भी दर्शाता है.

रिसर्च इंजन और परफॉर्मेंस

Parallel के सिस्टम में आठ अलग-अलग “रिसर्च इंजन” मौजूद हैं, जिनकी स्पीड और डेप्थ अलग-अलग है. सबसे तेज इंजन एक मिनट से भी कम समय में जवाब देता है, जबकि Ultra8x नाम का एडवांस्ड इंजन 30 मिनट तक रिसर्च कर डिटेल्ड रिजल्ट देता है.

Parallel का दावा है कि Ultra8x ने OpenAI के GPT-5 को भी पछाड़ दिया है. BrowseComp और DeepResearch Bench जैसे इंडिपेंडेंट बेंचमार्क में Ultra8x ने GPT-5 से 10% बेहतर प्रदर्शन किया. कंपनी का कहना है कि यह पहला AI सिस्टम है जिसने न सिर्फ ह्यूमन एक्सपर्ट्स बल्कि बड़े AI मॉडल्स को भी डीप वेब रिसर्च में पीछे छोड़ दिया.

किन कामों में होगा इस्तेमाल?

  • AI कोडिंग असिस्टेंट्स सीधे GitHub से कोड स्निपेट्स ला सकते हैं.
  • रिटेल कंपनियां अपने प्रतियोगियों के प्रोडक्ट कैटलॉग को ट्रैक कर सकती हैं.
  • मार्केट एनालिस्ट्स को किसी भी रिव्यू का स्ट्रक्चर्ड डेटा स्प्रेडशीट में मिल सकता है.
  • डेवलपर्स के लिए कंपनी ने तीन APIs भी पेश की हैं, जिसमें लो-लेटेंसी चैटबॉट-फ्रेंडली ऑप्शन भी शामिल है.

Twitter से निकाले जाने के बाद की वापसी

अक्टूबर 2022 में जब एलन मस्क ने Twitter का 44 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया, तो उनका पहला कदम था मैनेजमेंट टीम को हटाना. पराग अग्रवाल भी उसी दिन CEO पद से हटा दिए गए. उस समय तक वह महीनों से मस्क के साथ कोर्टरूम बैटल में उलझे थे.

लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि इसके बाद अग्रवाल ने आराम करने के बजाय तुरंत नए आइडियाज पर काम शुरू कर दिया. उन्हें शुरुआत में AI हेल्थकेयर वेंचर का आइडिया भी आया, लेकिन अंत में उन्होंने वही चुना जिसे वह सबसे जरूरी मानते थे: AI एजेंट्स को वेब से सही और भरोसेमंद जानकारी खोजने और समझने की क्षमता देना.

अब एलन मस्क से सीधा मुकाबला

पराग अग्रवाल की Parallel अब अप्रत्यक्ष रूप से एलन मस्क के साथ AI रेस में खड़ी है. उनका मानना है कि भविष्य में लोग इंटरनेट पर काम करने के लिए दर्जनों AI एजेंट्स तैनात करेंगे और यह बहुत जल्द हकीकत बन जाएगा. Bloomberg से बातचीत में उन्होंने कहा, “आप शायद अपनी ओर से 50 एजेंट्स को इंटरनेट पर काम करने के लिए भेजेंगे. और यह बहुत जल्द होगा, अगले साल ही.”

संक्षेप में कहा जाए तो पराग अग्रवाल की यह नई पारी न सिर्फ उनके लिए बल्कि AI इंडस्ट्री के लिए भी गेम-चेंजर साबित हो सकती है. Twitter की ड्रामेटिक विदाई के बाद उनकी यह शांत लेकिन दमदार वापसी अब टेक्नोलॉजी जगत में नई हलचल मचाने के लिए तैयार है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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