भारत में फ्रीक्वेंट ट्रैवलर्स की जर्नी को आसान बनाने के लिए FASTag सर्विस शुरू की गई थी. एक बार जब आप अपना FASTag अकाउंट रिचार्ज कर लेते हैं, तो हर टोल पर मैन्युअली भुगतान करने की ज़रूरत नहीं होती, बल्कि रकम सीधे आपके अकाउंट से कट जाती है. लेकिन हाल ही में एक बड़ी चौंकाने वाली बात सामने आई है कि स्कैमर्स लोगों के FASTag वॉलेट से सीधे पैसे चुराने लगे हैं.
कई ऐसे मामले रिपोर्ट हुए हैं, जहां लोग सिर्फ एक लिंक पर क्लिक करने से ही अपने FASTag वॉलेट का पैसा गंवा बैठे. धोखेबाज नकली अलर्ट भेज रहे हैं जिसमें बताया जाता है कि आपका FASTag अकाउंट बंद होने वाला है या फिर KYC डिटेल्स अपडेट करनी होंगी. ऐसे मैसेजेस पर क्लिक करते ही पैसा उड़ जाता है. यह यूज़र्स के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि ज़्यादातर लोग अगर अक्सर ट्रैवल करते हैं तो FASTag अकाउंट में अच्छा-खासा बैलेंस रखते हैं.
हाल ही में सरकार ने FASTag के लिए एनुअल पास भी लॉन्च किया है, जिसकी कीमत 3,000 रुपये है. इसमें यूज़र्स को एक्टिवेशन से एक साल की वैलिडिटी या फिर निर्धारित एक्सप्रेसवे और हाइवे पर 200 ट्रिप तक की सुविधा मिलती है. इस पास के साथ वॉलेट बैलेंस बनाए रखने की ज़रूरत नहीं पड़ती. ऐसे में जिन्होंने सालाना पास ले लिया है वे सुरक्षित हैं, लेकिन जो अभी भी वॉलेट बैलेंस वाले FASTag का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें सावधानी बरतनी होगी.
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