नहीं कर पाएगा कोई डिजिट अरेस्ट, ED के नाम पर आपको भी आया फर्जी समन? ये QR कोड बता देगा असली है या नकली

HIGHLIGHTS

ED ने आम जनता को एजेंसी के नाम पर भेजे जा रहे नकली समन और नोटिस के खिलाफ चेतावनी दी है.

ED ने अब एक नया वेरिफिकेशन सिस्टम लॉन्च किया है.

हर असली समन पर एक QR कोड और एक यूनिक पासकोड होगा.

आजकल ED यानी प्रवर्तन निदेशालय का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं. लेकिन अब धोखेबाज इसी डर का फायदा उठाकर लोगों को ठगने के लिए नकली ED के समन और नोटिस भेज रहे हैं. यह नकली नोटिस बिल्कुल असली जैसे दिखते हैं, जिससे कोई भी धोखा खा सकता है और डिजिटल अरेस्ट हो सकता है.

इसी बढ़ते फ्रॉड को देखते हुए, ED ने खुद एक चेतावनी जारी की है और लोगों से कहा है कि ‘ED के नाम से डरें नहीं, बस सतर्क रहें’. एजेंसी ने इन समन को वेरिफाई करने के लिए एक नया QR कोड वाला सिस्टम भी लॉन्च किया है. आइए जानते हैं कि आप एक असली और नकली ED समन में कैसे फर्क कर सकते हैं और खुद को इस धोखाधड़ी से कैसे बचा सकते हैं.

क्यों जारी करनी पड़ी ED को यह चेतावनी?

ED ने बताया है कि कुछ धोखेबाज लोग एजेंसी के अधिकारी बनकर आम जनता को नकली समन भेज रहे हैं. ये समन इतने सटीक तरीके से बनाए गए हैं कि असली और नकली में फर्क करना बहुत मुश्किल हो जाता है. लोग ED के नाम से डरकर अक्सर घबरा जाते हैं और धोखेबाजों के जाल में फंस जाते हैं.

ED ने साफ किया है कि असली समन केवल दो कानूनों के तहत ही जारी किए जाते हैं. इसमें प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 की धारा 50(2) या फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) 1999 की धारा 37 शामिल हैं. अगर आपके नोटिस में इन धाराओं का जिक्र नहीं है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए.

ED का QR कोड और पासकोड वाला सिस्टम

इस धोखाधड़ी से निपटने के लिए, ED ने एक नया और बहुत ही आसान वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया है. अब, एजेंसी द्वारा जारी किए गए हर असली समन पर कुछ खास चीजें होंगी. इसमें एक QR कोड, एक यूनिक पासकोड, और इसे जारी करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर, आधिकारिक मुहर, ईमेल एड्रेस और कॉन्टैक्ट नंबर की जानकारी होगी.

ED ने अपने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विशेष परिस्थितियों को छोड़कर, सिर्फ इसी वेरिफाइड सिस्टम के माध्यम से ही समन जारी करें.

कैसे वेरिफाई करें आपको मिला समन असली है या नकली?

अगर आपको कोई समन मिलता है और आप उसकी प्रामाणिकता की जांच करना चाहते हैं, तो बस आपको दो आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे. सबसे पहले अपने फोन से समन पर छपे QR कोड को स्कैन करें. यह आपको ED की ऑफिशियल वेबसाइट पर ले जाएगा. फिर वेबसाइट पर दिए गए वेरिफिकेशन फील्ड में, डॉक्यूमेंट पर लिखा यूनिक पासकोड दर्ज करें.

अगर डिटेल्स सही हैं, तो सिस्टम आपकी स्क्रीन पर मुख्य जानकारी जैसे कि जिस व्यक्ति को समन भेजा गया है उसका नाम, जारी करने वाले अधिकारी का नाम और पद और जारी करने की तारीख को दिखाएगा. अगर यह जानकारी मैच होती है, तो इसका मतलब है कि समन असली है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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