भारत भाषाओं के मामले में भारत कुछ लोगों को बड़ा ही देर से समझ में आता है, यहाँ आपको अलग अलग जगह पर अलग अलग भाषा मिल जाती है। हालांकि, भाषाओं से ज्यादा उनके ऐक्सेन्ट को समझना मुश्किल होता है। अब अगर मानकर चलिए कि आप एक विदेशी हैं तो भारत में सबसे पहले आपको अलग अलग भाषाएं मिलने वाली है, इसके अलावा आपको अलग अलग ही ऐक्सेन्ट भी मिलने वाला है। ऐसे में किसी के लिए भी भारत की भाषाओं को समझना बेहद ही मुश्किल लगता है। ऐसे में, IIT Madras से निकली एक Initiative BodhanAI ने इसी चुनौती को हल करने की एक जरूरी कोशिश की है। कंपनी ने Indic-Transcribe नाम का एक नया Speech Recognition Model लॉन्च कर दिया है, जिसे AI4Bharat के साथ मिलकर बनाया गया है।
यह Non-Profit पहल ‘Indic-Transcribe’ भारत जैसे देश के लिए ही डिजाइन की गई है। यह Model भारत की अलग-अलग भाषाओं, Scripts और Accents के हिसाब से बनाया गया है, और इसे 1.2 Billion Parameters पर प्रशिक्षित भी किया गया है।
Indic-Transcribe दो Versions में आ रहा है, इसे कोर और फ्लेक्स नाम से जाना जाएगा। BodhanAI के मुताबिक Core Model का मकसद है Best Accuracy देना, जबकि Flex Model का फोकस Wider Coverage देने पर होने वाला है, इसमें Mixed Scripts और Romanised Transcriptions भी शामिल हैं।
Speech Recognition इस मॉडल का मुख्य काम है और यह खासकर भारत के लिए ही डिजाइन किया गया है। AI कंपनियों के लिए एक बड़ा Focus Area बन चुका है, इसकी सबसे बड़ी वजह देश में मौजूद भाषाओं और Accents की Diversity को कहा जा सकता है। BodhanAI का कहना है कि Indic-Transcribe को ठीक इसी मकसद से बनाया गया है।
India is a voice-first nation: countless languages, scripts, and accents.
— Mitesh Khapra (@MiteshKhapra) August 17, 2026
Introducing Indic-Transcribe: built to understand India as she actually speaks. Built by @BodhanAI and @AI4Bharat.
🎙️ 1.2B params · 26 languages + English
Live on https://t.co/ue8j995kFb, 05.09.2026 pic.twitter.com/KnbmBwcnCs
Launch Video में BodhanAI ने बताया कि Indic-Transcribe जिन भाषाओं को सपोर्ट करता है, उनमें Bengali, Odia, Bhojpuri, Punjabi, Nepali, Haryanvi, Maithili और Hindi जैसी भाषाएँ शामिल हैं।
यह Model अलग-अलग ऐक्सेन्ट को पहचानकर उसी हिसाब से स्पीच को Transcribe करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह Sanskrit Shlokas को भी Transcribe कर सकता है, और Mixed Scripts को भी संभाल सकता है, जैसे Cricket Commentary जिसमें दो भाषाओं के शब्द मिले-जुले होते हैं, या Railway Announcements आदि के लिए भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। BodhanAI का कहना है कि इससे सॉन्ग आदि को भी Transcribe किया जा सकता है।
लॉन्च डिटेल्स में यह भी बताया गया कि यह System Assam की Bodo और Jharkhand की Santali जैसी दूरदराज की भाषाओं को भी कवर करता है। BodhanAI के मुताबिक अभी 12 भाषाओं में Pilots Live हैं, जिनमें Class 1 से 10 तक के Students से मिले 12,000 घंटे के Speech Data का इस्तेमाल किया गया है।
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