BHIM लेकर आया MyUPI का कमाल! ये फीचर्स जान लिए तो UPI चलाने का तरीका ही बदल जाएगा
BHIM App में नया MyUPI फीचर आ चुका है।
यह UPI से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब चुटकियों में देने वाला है।
यहाँ इसके हिडन फीचर्स की जानकारी मौजूद है।
भारत में पिछले कुछ सालों में डिजिटल पेमेंट को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला है। इसका श्रेय जाहिर तौर पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई को जाता है। हालांकि, जैसे जैसे देश में डिजिटल पेमेंट बढ़ी हैं। वैसे वैसे फ्रॉड, पेंडिंग पेमेंट्स, ऑटोपे और शिकायतों की संख्या भी निरंतर ही बढ़ी है। हालांकि, अब लग रहा है कि यह समस्या जल्द ही खत्म होने वाली हैं। असल में, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में अपने नए AI Feature यानि नए एआई असिस्टेंट MyUPI को आधिकारिक तौर BHIM App में शुरू कर दिया है। MyUPI फीचर कोई साधारण चैटबॉट नहीं है, बल्कि एक कन्वर्सेशनल एआई असिस्टेंट है जिससे यूज़र्स आम बोलचाल की भाषा में हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, बंगाली और तमिल में 24 घंटे सातों दिन मदद ले सकते हैं। यह UPI से जुड़ी आपको सभी समस्याओं को चुटकियों में हल करने वाला है।
Surveyकिन यूजर्स के लिए बेस्ट होगा ये नया फीचर?
यह नया फीचर तकनीकी रूप से असहज रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों, कस्बों और गांवों में रहने वाले यूज़र्स और और UPI का इस्तेमाल पहली बार करने वाले यूजर्स के लिए बेस्ट माना जा सकता है। अब पेमेंट अटकने या किसी गड़बड़ी की स्थिति में लंबे फॉर्म भरने या बैंक कस्टमर केयर पर लंबी कॉल में परेशान होने और घंटों के इंतज़ार से मुक्ति मिल जाने वाली है। अब यूजर्स सीधे ही ‘मेरा पेमेंट फेल हो गया’ या ‘ऑटोपे बंद करना है’ जैसे सवाल पूछकर अपनी समस्या का तुरंत समाधान पा सकते हैं।
ट्रांजैक्शन असिस्टेंस और ऑटोमेटेड शिकायत ट्रैकिंग
कई बार ऐसा देखा गया है कि आपके अकाउंट से पैसे तो कट जाते हैं लेकिन सामने वाले को यह पैसे मिलते नहीं हैं, जिससे यूज़र बैंक और यूपीआई ऐप्स के चक्कर काटने को मजबूर हो जाते हैं। MyUPI अब आपके सभी लिंक्ड बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन एक जगह दिखाकर अटके हुए पेमेंट को तुरंत ट्रैक करने में मदद करने वाला है। इसके अलावा, पेमेंट फेल होने की स्थिति में आपको सिर्फ अपनी परेशानी बतानी होगी। यह एआई सिस्टम खुद ही इसे लेकर शिकायत भी दर्ज करने वाला है, इसके बाद एक ट्रैकिंग रेफरेंस नंबर जारी किया जाने वाला है, इसके बाद उसकी रियल-टाइम प्रोग्रेस रिपोर्ट भी आपको दिखाने वाला है कि मामला कहाँ पहुंचा है।
सेफ पेमेंट वेरिफिकेशन और ऑटोपे मैनेजमेंट
किसी अनजान व्यक्ति को पैसे भेजते समय अक्सर फ्रॉड का डर सताता रहता है। MyUPI में दिए गए पे-सेफ फीचर के माध्यम से यूज़र किसी भी अनजान यूपीआई आईडी को दर्ज करके या क्यूआर कोड को अपलोड करके पेमेंट करने से पहले ही अकाउंट होल्डर का असली नाम और डिटेल्स क्रॉस-चेक कर सकते हैं। इसके साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, ईएमआई, इंश्योरेंस और जिम सब्सक्रिप्शन से जुड़े सभी ऑटोपे और मैंडेट्स को एक ही डैशबोर्ड पर देखा जा सकता है, जहां से उन्हें एक क्लिक में पॉज, रीस्टार्ट या हमेशा के लिए कैंसिल किया जा सकता है।
अनचाहे डिडक्शन की पहचान और ट्रांजैक्शन रीप्ले
कई बार बिना पिन दर्ज किए अकाउंट से पैसे कट जाते हैं और यह समझ नहीं आता कि यह क्यों हुआ है। यह असिस्टेंट बिना पिन कटे पैसों के पीछे के अधिकृत मैंडेट और उसके मकसद की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने रख देता है। इसके अलावा, यदि किसी दुकान या दोस्त को किया गया पेमेंट नेटवर्क की वजह से फेल हो जाता है, तो दोबारा पूरी डिटेल भरने की जरूरत नहीं होगी। इसके ट्रांजैक्शन रीप्ले फीचर की मदद से पुराने फेल हुए ट्रांजैक्शन को तुरंत री-इनिशिएट करके सिर्फ नया यूपीआई पिन डालते ही पेमेंट हो जाने वाला है।
सेफ्टी स्विच और इमरजेंसी फ्रॉड प्रोटेक्शन
इस नए सिस्टम का सबसे सुरक्षित और ताकतवर फीचर इसका सेफ्टी स्विच है, जो एक डिजिटल इमरजेंसी बटन की तरह काम करता है। यदि किसी यूज़र का फोन चोरी हो जाए, किसी संदिग्ध ट्रांजैक्शन का शक हो या कोई फर्जी मैसेज आए, तो वे सेफ्टी स्विच का इस्तेमाल करके तुरंत अपने लिंक्ड बैंक अकाउंट को फ्रीज या ब्लॉक कर सकते हैं और हालात सामान्य होने पर इसे खुद दोबारा चालू कर सकते हैं। इसके साथ ही यह यूज़र्स को अपना मोबाइल नंबर डी-लिंक करने की सुविधा देता है और बाजार में चल रहे नए-नए साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम के तरीकों को लेकर पहले ही आगाह करता रहता है।
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