अपने पालतू कुत्ते-बिल्ली से बात करना हो जाएगा आसान, ये खास कॉलर लगाते ही समझ जाएंगे उनकी भाषा

HIGHLIGHTS

चीनी कंपनी ने AI आधारित स्मार्ट पेट कॉलर पेश किया

कॉलर जानवरों की आवाज को इंसानी भाषा में बदलने का दावा करता है

डिवाइस की कीमत करीब 11 हजार रुपये रखी गई है

पालतू जानवरों से बात करना लगभग हर पेट ओनर ने कभी न कभी जरूर ट्राई किया है. कुछ लोग बच्चों जैसी आवाज में अपने डॉग या कैट से बात करते हैं, तो कुछ को लगता है कि उनका पालतू जानवर उनकी हर बात समझता है. लेकिन असली सवाल हमेशा यही रहा कि आखिर जानवर क्या कहना चाहते हैं?

अब एक चीनी स्टार्टअप दावा कर रहा है कि उसने AI की मदद से इस दूरी को कम करने का तरीका खोज लिया है. Meng Xiaoyi नाम की कंपनी ने एक AI आधारित स्मार्ट पेट कॉलर पेश किया है, जो जानवरों की आवाज और व्यवहार को इंसानी भाषा में बदलने का दावा करता है. यानि अब आपकी बिल्ली शायद खुद बता सके कि उसका खाना खत्म हो गया है या वह नाराज है.

AI कॉलर क्या करता है?

कंपनी ने हाल ही में इस डिवाइस का एक डेमो वीडियो जारी किया, जिसमें डॉग और कैट इस स्मार्ट कॉलर को पहने नजर आए. एक वीडियो में बिल्ली ऊपर देखते हुए म्याऊं करती है और डिवाइस उसका मतलब “मुझे खेलना है” बताता है. दूसरे वीडियो में एक भौंकते हुए डॉग को “मुझे भूख लगी है” कहते हुए दिखाया गया.

कंपनी का दावा है कि यह कॉलर जानवरों की आवाज, शरीर की गतिविधि और व्यवहार को पहचानकर करीब 95 प्रतिशत तक सटीक नतीजे दे सकता है. हालांकि अभी तक इस दावे की किसी स्वतंत्र संस्था ने पुष्टि नहीं की है.

कैसे काम करता है यह स्मार्ट कॉलर?

Meng Xiaoyi के मुताबिक इस कॉलर में माइक्रोफोन, मोशन सेंसर और AI तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यह सिस्टम जानवरों की आवाज और हरकतों का विश्लेषण करता है. कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम Alibaba Cloud के Qwen AI मॉडल पर काम करता है, जिसे लाखों पेट साउंड सैंपल से ट्रेन किया गया है.

यह डिवाइस करीब 27 ग्राम वजन का है और वायरलेस तरीके से मालिक के पास मौजूद एक अलग हैंडहेल्ड डिवाइस से जुड़ता है. स्टार्टअप का दावा है कि यह सिस्टम 20 से ज्यादा भावनाओं और व्यवहार को पहचान सकता है.

इंसान से जानवर तक भी पहुंचेगा मैसेज

कंपनी का कहना है कि यह तकनीक सिर्फ जानवरों की बात समझने तक सीमित नहीं है. मालिक भी अपने पालतू जानवर को संदेश भेज सकते हैं. उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति “शांत रहो” जैसा कमांड देता है, तो कॉलर उसे जानवरों के लिए समझ आने वाले साउंड या सिग्नल में बदल सकता है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल

जैसा कि उम्मीद थी, सोशल मीडिया पर इस डिवाइस को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ लोग इसे बेहद दिलचस्प मान रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसकी सटीकता पर सवाल उठा रहे हैं. एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा कि “95 प्रतिशत सटीकता का दावा कैसे कर सकते हैं, क्या किसी जानवरों की कमेटी ने इसकी जांच की है?” वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि “मेरे डॉग को क्या चाहिए यह समझने के लिए मुझे किसी कॉलर की जरूरत नहीं, उसे सिर्फ प्यार और खाना चाहिए.”

कितनी है कीमत?

कंपनी के मुताबिक इस AI कॉलर को 30 मई से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. स्टार्टअप का दावा है कि लॉन्च से पहले ही इसके 10 हजार से ज्यादा प्री ऑर्डर मिल चुके हैं. इस डिवाइस की कीमत 799 युआन रखी गई है, जो भारतीय रुपये में करीब 11 हजार रुपये के आसपास होती है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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