भारत के कई हिस्सों में गर्मी अब बेहद तेज हो चुकी है। ऐसे मौसम में एयर कूलर कई घरों के लिए राहत का सबसे आसान और किफायती विकल्प बन जाता है। एसी की तुलना में कूलर कम बिजली खर्च करते हैं, उनकी देखभाल आसान होती है और कीमत भी काफी कम रहती है। लेकिन नया कूलर खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि टॉवर कूलर बेहतर रहेगा या डेजर्ट कूलर? दोनों ही ठंडी हवा देने का दावा करते हैं, लेकिन दोनों का इस्तेमाल अलग तरह की जरूरतों और कमरों के हिसाब से किया जाता है। गलत कूलर चुनने पर कई बार तेज गर्मी में भी राहत नहीं मिलती और दोपहर तक कूलर गर्म हवा जैसा महसूस होने लगता है।
दोनों कूलर के बीच सबसे बड़ा फर्क उनके आकार और कूलिंग क्षमता का होता है। टॉवर कूलर आकार में पतले और कॉम्पैक्ट होते हैं। इन्हें छोटे कमरों, बेडरूम, स्टडी रूम या फ्लैट्स में आसानी से रखा जा सकता है, खासकर जहां जगह कम हो। इनका डिजाइन भी ज्यादा मॉडर्न दिखाई देता है, इसलिए कमरे का लुक भी ज्यादा भारी या भरा हुआ नहीं लगता।
वहीं डेजर्ट कूलर आकार में बड़े होते हैं और इन्हें ज्यादा ताकतवर कूलिंग के लिए बनाया जाता है। इनमें बड़े फैन, ज्यादा पानी की क्षमता और मजबूत एयरफ्लो मिलता है। यही वजह है कि ये बड़े कमरों, हॉल या बेहद गर्म इलाकों के लिए ज्यादा उपयुक्त माने जाते हैं।
सीधे शब्दों में कहें तो टॉवर कूलर सुविधा और कॉम्पैक्ट डिजाइन पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि डेजर्ट कूलर का फोकस तेज और प्रभावी कूलिंग पर होता है।
अगर आपकी प्राथमिकता बिजली बचाना है, तो टॉवर कूलर ज्यादा सही विकल्प साबित हो सकते हैं। अधिकांश टॉवर कूलर लगभग 50W से 150W के बीच बिजली खर्च करते हैं। इसलिए इन्हें लंबे समय तक, खासकर रात में चलाने पर बिजली बिल ज्यादा नहीं बढ़ता।
दूसरी तरफ डेजर्ट कूलर में बड़े फैन और ज्यादा पावर वाले मोटर लगे होते हैं, इसलिए उनकी बिजली खपत भी ज्यादा होती है। आमतौर पर ये 180W से 250W तक बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि इसके बदले में इनकी कूलिंग क्षमता भी कहीं ज्यादा मजबूत होती है।
यानी डेजर्ट कूलर बिजली थोड़ा ज्यादा खर्च करते हैं, लेकिन बड़े कमरों में ठंडी हवा भी बेहतर तरीके से पहुंचाते हैं।
कूलिंग के मामले में डेजर्ट कूलर आमतौर पर ज्यादा असरदार माने जाते हैं। टॉवर कूलर छोटे कमरों में अच्छी और सीधी एयरफ्लो देते हैं। ये अपेक्षाकृत कम आवाज करते हैं, इसलिए बेडरूम या वर्क फ्रॉम होम सेटअप के लिए बेहतर माने जाते हैं, जहां लगातार तेज आवाज परेशानी बन सकती है।
वहीं डेजर्ट कूलर को तेज गर्मी से मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया जाता है। इनके बड़े कूलिंग पैड, ताकतवर फैन और बड़े पानी के टैंक गर्मियों की दोपहर में भी बेहतर ठंडक देने में मदद करते हैं। उत्तर भारत में मई-जून की भीषण गर्मी में यह फर्क साफ महसूस किया जा सकता है।
अगर आपका कमरा छोटा है, आप कम आवाज वाला और बिजली बचाने वाला विकल्प चाहते हैं, तो टॉवर कूलर आपके लिए बेहतर हो सकता है। लेकिन अगर कमरा बड़ा है, वेंटिलेशन कम है या आप तेज गर्मी में ज्यादा असरदार कूलिंग चाहते हैं, तो डेजर्ट कूलर ज्यादा समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकता है।
आखिर में सही कूलर वही है जो आपके कमरे के आकार, इलाके की गर्मी और आपकी जरूरत के हिसाब से फिट बैठे। क्योंकि हर स्थिति में कोई एक कूलर सबसे बेहतर नहीं होता।