जून के इस तपते महीने में घर के बाकी अप्लायंसेज के साथ-साथ हमारे किचन की लाइफलाइन यानी रेफ्रिजरेटर (Fridge) पर भी लोड दोगुना हो जाता है। ठंडे पानी की बोतलें, दूध, बची हुई सब्ज़ियां और फल सब कुछ सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी इसी पर होती है। लेकिन क्या आपके सिंगल-डोर फ्रिज के साथ भी इन दिनों एक अजीब समस्या हो रही है? फ्रिज का फ्रीजर ‘सफेद सियाचिन’ बना हुआ है, यानी उसमें इतनी बर्फ जम गई है कि आइस ट्रे निकालने के लिए भी हथौड़ी मारनी पड़ती है, लेकिन ठीक उसके नीचे वाले हिस्से में रखा दूध फट रहा है और पानी की बोतलें ठंडी होने का नाम नहीं ले रहीं।
ऐसी स्थिति में अक्सर लोग सोचते हैं कि शायद फ्रिज की गैस लीक हो गई है या कंप्रेसर कमजोर पड़ गया है, और वे मैकेनिक को बुलाकर हजारों रुपये का फटका लगवा लेते हैं। कुछ लोग तो सीधे नया और महंगा ‘डबल-डोर’ फ्रिज खरीदने की प्लानिंग करने लगते हैं। लेकिन रुकिए! बाज़ार भागने से पहले अपने सिंगल-डोर फ्रिज के अंदर छुपी एक ऐसी जादुई ट्रे और सीक्रेट सेटिंग के बारे में जान लीजिए, जिसे मात्र 1 इंच खिसकाते ही आपका पुराना फ्रिज बिल्कुल नए और महंगे डबल-डोर फ्रिज की तरह सुपरफास्ट कूलिंग करने लगेगा।
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सस्ता और आसान जुगाड़ जानने से पहले इसके पीछे का सीधा विज्ञान समझना ज़रूरी है। सिंगल-डोर फ्रिज में कूलिंग करने वाला मुख्य हिस्सा सिर्फ ‘फ्रीजर’ (Evaporator) ही होता है। इसी फ्रीजर से ठंडी और भारी हवा नीचे की तरफ गिरती है, जिससे फ्रिज के बाकी खानों में रखी सब्ज़ियां और बोतलें ठंडी होती हैं।
गर्मियों में जब हम बार-बार फ्रिज का दरवाज़ा खोलते हैं, तो बाहर की गर्म और नमी वाली हवा फ्रिज के अंदर चली जाती है। यह नमी फ्रीजर की दीवारों पर चिपककर सख्त बर्फ की मोटी परत बना लेती है। अब ट्विस्ट यहाँ आता है, यह जमी हुई बर्फ एक ‘इंसुलेटर’ (रुकावट) का काम करने लगती है, जो फ्रीजर की ठंडक को नीचे के कैबिनेट में जाने से पूरी तरह ब्लॉक कर देती है। नतीजा यह होता है कि ऊपर बर्फ का पहाड़ जमता जाता है और नीचे के हिस्से का तापमान बढ़ने लगता है।
डबल-डोर फ्रिज में ऊपर के फ्रीजर और नीचे के कंपार्टमेंट के लिए हवा के रास्ते (Air Vents) अलग होते हैं, लेकिन सिंगल-डोर फ्रिज में यह काम फ्रीजर के ठीक नीचे लगी ‘चिलर ट्रे’ (Chiller Tray) करती है। ज़रा अपने फ्रिज को खोलिए और इस ट्रे को ध्यान से देखिए। इस ट्रे के ठीक पीछे या साइड में हवा के पास होने के लिए छोटे-छोटे गैप या वेंट बने होते हैं।
गर्मियों में सबसे बड़ा ‘जुगाड़’ यह है कि आपको इस चिलर ट्रे को पूरी तरह से बंद करके नहीं रखना है। अगर यह ट्रे पीछे से पूरी तरह सट जाएगी, तो ठंडी हवा नीचे आ ही नहीं पाएगी।
अपनी चिलर ट्रे को पीछे की दीवार से लगभग 1 से 1.5 इंच आगे की तरफ खींच लें। ऐसा करने से फ्रीजर से निकलने वाली बर्फीली हवा को नीचे जाने के लिए एक बड़ा रास्ता मिल जाएगा।
फ्रीजर के कोने में एक छोटा सा मेटल का तार या बटन होता है जिसे ‘थर्मोस्टेट सेंसर’ कहते हैं। जब इस पर बर्फ जम जाती है, तो यह कंप्रेसर को गलत सिग्नल भेजता है कि फ्रिज बहुत ठंडा हो चुका है, जिससे कंप्रेसर बंद हो जाता है। एक सूती कपड़े से इस सेंसर पर जमी बर्फ को धीरे से पोंछ दें।
जैसे ही आप यह छोटा सा बदलाव करेंगे, फ्रीजर की भारी और ठंडी हवा सीधे नीचे वाले कैबिनेट में बिजली की रफ्तार से गिरेगी। नीचे रखी पानी की बोतलें और दूध वाले हिस्से में बिल्कुल डबल-डोर फ्रिज जैसी समान कूलिंग (Uniform Cooling) मिलने लगेगी।
इस गर्मी में नया फ्रिज खरीदने पर 25-30 हज़ार रुपये फूंकने के बजाय, अपने सिंगल-डोर फ्रिज की इस सीक्रेट चिलर ट्रे की सेटिंग को बदलें। बिना किसी अतिरिक्त खर्च के आपका फ्रिज फिर से काम करना शुरू कर देने वाला है।
आर्टिकल में AI से निर्मित इमेज इस्तेमाल हुई हैं।
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