ऐसा अक्सर देखा गया है कि कुछ चीजें देखकर पहले हंसी आती है, फिर यही आपको सोचने पर मजबूर कर देती हैं और इसके बाद आप इन्हें आजमाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। Cooler में मटके वाला जुगाड़ भी कुछ ऐसा ही है। इंटरनेट पर एक वीडियो खूब देखी जा रही है जिसमें एक शख्स ने कूलर की कूलिंग 10 गुना बढ़ाने का दावा किया है, इस देसी जुगाड़ को देखकर आप माथा ही पीट लेने वाले हैं कि आखिर यह आपने क्यों नहीं सोचा। आइए जानते हैं कि आपको इसके लिए करना क्या होगा? आपको ज्यादा कुछ नहीं, घर में पड़ा एक पुराना मटका मात्र चाहिए, इसमें आपको छेद करने हैं और पानी के पंप को इसमें रख देना है। बस इतना ही करना है। इसमें न कोई महंगा पुर्जा, न कोई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, न कोई बड़ी तकनीक लगाने की जरूरत है। यह पूरी तरह से प्रकृति के उसी पुराने सिद्धांत पर काम करता है जिस पर मटके में रखा पानी ठंडा होता है। आइए अब इसे बारीकी से समझते हैं।
यह बात तो सब जानते हैं कि मटके का पानी ठंडा होता है, लेकिन यह होता क्यों है, यह बहुत कम लोग जानते हैं। असल में मटका एक छिद्रदार यानि Porous मिट्टी से बना होता है। इसकी दीवारों में लाखों छोटे-छोटे छेद होते हैं जो आँखों से नहीं दिखते। इन्हीं छेदों से पानी बहुत धीरे-धीरे बाहर रिसता रहता है। जब यह पानी मटके की बाहरी सतह पर आता है तो हवा के संपर्क में आने पर भाप बनकर उड़ जाता है। और यही वाष्पीकरण यानि Evaporation मटके के अंदर के पानी से गर्मी खींच लेता है। नतीजा, मटके का पानी ठंडा हो जाता है। यही वही सिद्धांत है जो कूलर में भी काम करता है, बस मटके में यह खुद-ब-खुद होता है।
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इस ट्रिक में मटके को एक बड़े Water Reservoir यानि पानी के भंडार की तरह इस्तेमाल किया गया है। मटके की दीवारें वैसे भी ठंडी रहती हैं क्योंकि मिट्टी का Evaporation लगातार चलता रहता है। जब इस मटके में पानी का पंप रखा जाता है तो पंप उसी ठंडे पानी को कूलर के Cooling Pad तक पहुँचाता है। सामान्य कूलर में पानी एक Plastic की टंकी में भरा होता है। प्लास्टिक की टंकी न तो पानी को ठंडा करती है और न ही किसी तरह का Evaporation होने देती है। यानी कूलर में जो पानी जाता है वह सामान्य तापमान का होता है। लेकिन जब वही पानी मटके से आने लगे तो वह पहले से ठंडा होता है। ठंडे पानी से Cooling Pad गीला होगा, Cooling Pad से ठंडी हवा निकलेगी और कूलर की ओवरऑल कूलिंग कई गुना बेहतर हो जाएगी। आसान शब्दों में कहें तो मटका कूलर के लिए एक Natural Pre-Cooler का काम करता है।
सबसे पहले आपको एक सही मटका चुनना है। आप अपने घर में पड़े पुराने मटके को भी ले सकते हैं, यह फ्री में ही आपका काम कर देने वाला है। हालांकि, बाजार से एक बड़ा मटका खरीदा भी जा सकता है। जितना बड़ा मटका होगा, उतना ज्यादा पानी स्टोर होगा और उतनी देर तक ठंडा पानी मिलता रहेगा। ध्यान रखें कि मटका कच्ची मिट्टी का हो, प्लास्टिक कोटेड न हो वरना Evaporation नहीं होगा और पूरा जुगाड़ बेकार हो जाएगा।
इसके बाद आपको इस मटके में कई छेद कर देने हैं। इसके बाद आपको इस मटके को कूलर के टैंक में रख देना है और इस मटके के अंदर आपको पंप को रख देना है।
अब आपको इस मटके में पानी भर देना है। ध्यान रखें कि पंप पूरी तरह पानी में डूबा रहे वरना पंप हवा खींचेगा और काम नहीं करेगा। मटके को किसी छाँव वाली जगह रखें ताकि Evaporation ज्यादा से ज्यादा हो सके।
अब आपको सभी कुछ करने के बाद यह करना है कि Cooler को ऑन कर देना है। ऐसा करने के कुछ ही मिनटों में फर्क खुद-ब-खुद महसूस होने लगता है। अब Cooling Pad पर ठंडा पानी पड़ेगा, हवा ज्यादा ठंडी निकलेगी और कमरे में पहले से बेहतर कूलिंग आएगी।
10 गुना कूलिंग का दावा थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया लग सकता है लेकिन इसके पीछे का विज्ञान बिल्कुल सही है। मटके का ठंडा पानी और Evaporative Cooling का मेल सच में कूलर की कूलिंग को काफी बेहतर बनाता है। खासकर उन इलाकों में जहाँ हवा में नमी कम है और गर्मी ज्यादा, वहाँ यह जुगाड़ और भी कमाल करता है। कीमत की बात करें तो एक अच्छा मटका 50 से 100 रुपये में मिल जाता है। हालांकि, अगर आप अपने घर में पड़े मटके को ही इस्तेमाल करते हैं तो आपके ये पैसे भी बच जाने वाले हैं।
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