क्यों हाई-अलर्ट पर इंटरनेट? सरकारें बंद कर रही वेबसाइट..देखें क्यों बढ़ रही है सबकी चिंता

HIGHLIGHTS

PHP में दो गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने के बाद नीदरलैंड्स में कई सरकारी वेबसाइट्स बंद कर दी गई हैं।

भारतीय कंपनी eMudhra के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट्स भी इसकी चपेट में आए हैं!

PHP ने 21 अक्टूबर को सुरक्षा पैच जारी कर दिए हैं, जबकि प्रमुख ब्राउजर प्रभावित सर्टिफिकेट्स को ब्लॉक कर चुके हैं।

जरा सोचकर देखिए कि, आप किसी सरकारी वेबसाइट पर किसी जरूरी काम को करने के लिए पहुंचे हैं, और अचानक ही यह काम करना बंद कर दे? स्थिति ज्यादा चिंताजनक तब हो जाती है जब इंटरनेट चल रहा हो, आपके फोन में भी कोई खराबी न हो! दुनिया के कुछ हिस्सों में ऐसा ही देखने को मिल रहा है। इसकी वजह है इंटरनेट की बुनियाद से जुड़ी दो बड़ी सुरक्षा घटनाएं। एक तरफ PHP में दो खतरनाक खामियां सामने आई हैं, तो दूसरी तरफ भारत की जानी मानी कंपनी eMudhra के कुछ डिजिटल सर्टिफिकेट्स की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इन सब घटनाओं का आपकी ऑनलाइन सुरक्षा से क्या लेना देना है।

भारत की eMudhra के 8 सर्टिफिकेट्स में बड़ी कमजोरी

इंटरनेट पर किसी वेबसाइट का सुरक्षित कनेक्शन बनाने में डिजिटल सर्टिफिकेट की अहम भूमिका होती है। इन्हें जारी करने वाली कंपनियों को Certificate Authority यानी CA कहा जाता है। बेंगलुरु की eMudhra भी ऐसी ही एक कंपनी है। Mozilla के अनुसार, eMudhra के आठ Intermediate Certificates में कुछ खामियाँ पाई गई हैं। आसान भाषा में समझें तो जिस डिजिटल चाबी को तोड़ना बेहद मुश्किल होना चाहिए था, वह इतनी कमजोर थी कि उसकी पहचान आसानी से की जा सकती थी।

इससे क्या खतरा पैदा हुआ?

अगर कोई हमलावर ऐसी ‘प्राइवेट की’ हासिल कर लेता, तो वह फर्जी HTTPS सर्टिफिकेट बना सकता था। कुछ परिस्थितियों में इसकी मदद से किसी असली वेबसाइट की नकल करके इंटरनेट ट्रैफिक को इंटरसेप्ट करने या बदलने का खतरा पैदा हो सकता था। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि सभी HTTPS वेबसाइट्स हैक हो गई हैं।

Mozilla ने 17 अक्टूबर को प्रभावित सर्टिफिकेट्स को Firefox में ब्लॉक कर दिया था। Google, Apple और Microsoft ने भी सुरक्षा कदम उठाए थे।

eMudhra के अनुसार, मामला सीमित सर्टिफिकेट्स से जुड़ा है और इनमें से किसी ने भी लास्ट यूजर्स के लिए सर्टिफिकेट जारी नहीं किए थे। कंपनी का कहना है कि उसकी भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं।

PHP में मिलीं दो गंभीर खामियां

अब बात उस घटना की, जिसके कारण कुछ सरकारी वेबसाइट्स को बंद करना पड़ा। PHP एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जिसका इस्तेमाल वेबसाइट्स और ऑनलाइन सेवाओं के बैकएंड में होता है। WordPress, Drupal और Joomla जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म भी इससे जुड़े हैं।

साइबर सिक्योरिटी कंपनी Wiz के अनुसार, PHP का इस्तेमाल दुनिया की लगभग 70 प्रतिशत वेबसाइट्स में होता है। रिसर्चर्स ने इसमें दो गंभीर कमजोरियों की पहचान की है, जिन्हें CVE-2026-109618 और CVE-2026-109619 नाम दिया गया है। इनका सुरक्षा स्कोर 10 में से 9.2 है। कुछ परिस्थितियों में हमलावर बिना लॉगिन किए प्रभावित सर्वर पर अनधिकृत कोड चला सकते हैं। इससे डेटा चोरी या वेबसाइट के साथ छेड़छाड़ का जोखिम बन सकता है। हालांकि, PHP इस्तेमाल करने वाली हर वेबसाइट का प्रभावित होना जरूरी नहीं है।

सरकारों ने वेबसाइट्स बंद क्यों कर दीं?

खतरे को देखते हुए नीदरलैंड्स में Overheid.nl, MijnOverheid और DigiD जैसी सरकारी ऑनलाइन सेवाएं ऑफलाइन की गई हैं। एम्स्टर्डम प्रशासन ने भी कुछ वेबसाइट्स के अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी। फिनलैंड की Tampere University ने भी कुछ ऑनलाइन सेवाओं को बंद करने या उनकी पहुंच सीमित करने की संभावना जताई है।

ब्रिटेन के National Cyber Security Centre और यूरोप की CERT-EU ने सलाह दी कि जिन संस्थानों के लिए सुरक्षा अपडेट लगाना संभव नहीं है, वे प्रभावित सेवाओं को अस्थायी रूप से इंटरनेट से अलग करने पर विचार करें।

PHP ने जारी कर दिए सुरक्षा अपडेट

PHP डेवलपर्स ने 21 अक्टूबर 2026 को चार सुरक्षित वर्जन जारी किए हैं। इनमें PHP 8.5.12, 8.4.27, 8.3.36 और 8.2.35 शामिल हैं। वेबसाइट मालिकों को अपने सिस्टम के अनुसार सुरक्षा अपडेट तुरंत लगाने की सलाह भी दी गई है।

इस मामले में AI की भूमिका भी दिलचस्प है। Wiz के अनुसार, एडवांस AI टूल्स की मदद से वर्षों पुरानी कमजोरियों की पहचान और उनके संभावित असर को समझना संभव हुआ है।

इंटरनेट यूजर्स को क्या करना चाहिए?

अगर आप सिर्फ वेबसाइट्स इस्तेमाल करते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। अपने ब्राउजर, मोबाइल और कंप्यूटर को अपडेट रखें। किसी वेबसाइट पर सिक्योरिटी सर्टिफिकेट की चेतावनी आए तो उसे नजरअंदाज न करें।

वहीं, वेबसाइट मालिकों और डेवलपर्स को अपनी PHP इंस्टॉलेशन और होस्टिंग की जांच कर जरूरी सुरक्षा पैच लागू करने चाहिए।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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