गर्मियों के मौसम में दोपहर की तपिश तो जैसे-तैसे कट जाती है, लेकिन असली मुसीबत शाम के बाद रात को आना शुरू हो जाती है। रात के समय जब अचानक बिजली गुल होती है, तो कमरा भट्टी की तरह तपने लगता है। ऐसे में हम तुरंत इनवर्टर पर कूलर तो ऑन कर देते हैं, लेकिन दिल में हमेशा ये डर लगा रहता है कि कहीं आधी रात को इनवर्टर की बैटरी ‘लो’ न हो जाए। मैंने अपने घर में ऐसा देखा है कि 2 से 3 घंटे में इनवर्टर सीटी मारने शुरू कर देता है, क्योंकि बैटरी का बैकअप इतना ही होता है। ऐसे में रात भर की प्रचंड गर्मी को पसीने में भरकर गुजारना मुश्किल हो जाता है।
अगर आप भी हर रात पावर कट और इनवर्टर के डिस्चार्ज होने के इसी डर से परेशान हैं, तो यह खबर हम आपके लिए ही लेकर आए हैं। आज हम आपको कोई नया इनवर्टर या महंगी बैटरी खरीदने की सलाह नहीं देने वाले हैं। बल्कि आज हम आपको कूलर चलाने का एक ऐसा ‘स्मार्ट तरीका’ और सीक्रेट सेटिंग बताने वाले हैं, आपका वही पुराना इनवर्टर और कूलर बिना थके सुबह तक बर्फ जैसी ठंडी हवा देता रहने वाला है। आइए जानते हैं इस सबसे धुआंधार देसी जुगाड़ के बारे में।
ज़्यादातर लोग बिजली जाते ही कूलर को उसी मोड पर छोड़ देते हैं जिस पर वह मेन लाइन के दौरान चल रहा था। यही आपकी सबसे बड़ी गलती होती है। कूलर में बिजली की सबसे ज़्यादा खपत दो चीज़ें करती हैं- एक उसकी ‘हैवी मोटर’ और दूसरा ‘वॉटर पंप’। इनवर्टर का बैकअप बढ़ाने के लिए आपको बस एक छोटा सा बदलाव करना होगा। आइए इसके बारे में जानते हैं।
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कूलर की मोटर जब हाई स्पीड पर चल रही होती है तो वह इनवर्टर से दोगुनी ताकत खींचती है। बिजली कटते ही कूलर के रेगुलेटर को हमेशा मीडियम या लो कर सेट कर देना चाहिए। आपको जानकर हैरानी होगी कि हाई और मीडियम स्पीड की हवा में मामूली अंतर होता है, लेकिन इससे इनवर्टर की बैटरी की लाइफ सीधे 40% तक बढ़ जाती है।
कूलर का पानी वाला पंप लगातार चलते रहने से इनवर्टर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है। इसका सबसे बेस्ट जुगाड़ यह है कि बिजली कटने के बाद पंप को सिर्फ 10 मिनट के लिए ऑन करें ताकि कूलर के पैड्स (घास) पूरी तरह गीले हो जाएं। इसके बाद पंप को बंद कर दें। जब पैड्स गीले होंगे, तो अगले 30 से 40 मिनट तक कूलर बिना पंप के भी बिल्कुल ठंडी हवा देगा। जैसे ही हवा थोड़ी सामान्य होने लगे, पंप को फिर से 5 मिनट के लिए ऑन कर दें। इस इंटरवल ट्रिक से पंप का लोड इनवर्टर पर नाममात्र का रह जाता है।
क्या आपका कूलर ऑन होते ही इनवर्टर पर तेज़ आवाज़ (Humming Noise) करने लगता है या इनवर्टर का ‘ओवरलोड’ इंडिकेटर जल जाता है? इसका मतलब है कि आपके कूलर का कैपेसिटर (जिसे आम भाषा में कंडेंसर कहते हैं) कमज़ोर हो चुका है।
कमज़ोर कैपेसिटर की वजह से मोटर को घूमने के लिए इनवर्टर से बहुत ज़्यादा करंट (Starting Current) खींचना पड़ता है। मात्र 30 रुपये से 40 रुपये में बाज़ार से एक नया और सही रेटिंग का कैपेसिटर लाकर बदल लें। नया कैपेसिटर लगते ही मोटर बिना किसी अतिरिक्त लोड के बेहद स्मूथली चलेगी, जिससे इनवर्टर की बैटरी पर दबाव आधा हो जाएगा।
इस गर्मी में बिजली कटने पर पसीने से परेशान होने के बजाय कूलर की इन आसान सेटिंग्स को बदल दें। बिना एक भी पैसा बढ़ाए आपका इनवर्टर खुद से लंबे समय के लिए चलने वाला है। अब चाहे बिजली चली भी जाए इसके बाद भी आपका Inverter लंबे समय के लिए चलने वाला है।
आर्टिकल में AI से निर्मित इमेज इस्तेमाल हुई हैं।
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