भारतीय छात्र ने बनाई गजब की वेबसाइट..घूस की कर देगी पोल खोल..देखें कैसे करती है काम

HIGHLIGHTS

भारतीय छात्र की ओर से एक नई वेबसाइट का निर्माण किया गया है।

यह वेबसाईट Bribes.fyi के तौर पर आपको मिल जाएगी।

इस वेबसाइट पर सरकारी दफ्तरों में रिश्वत मांगने या रिश्वत देने से जुड़ी घटनाओं के मामले दर्ज किए जा सकते हैं।

अभी तक सरकारी दफ्तरों में रिश्वत का चलन आम हो गया है, जहाँ देखो जिस तरफ देखो अगर पैसे देते हैं तो सभी काम आसानी से हो जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया तो आप भूल जाइए की आपका कोई काम किसी भी तरह से बनने वाला है। हालांकि, अब एक नया समाधान एक उम्मीद की किरण के तौर पर सामने आया है। असल में, ऐसा भी कहा जा सकता है कि सरकारी दफ्तरों में काम कराने के नाम पर मांगी जाने वाली रिश्वतखोरी से अब आम जनता को डरने या चुप बैठने की जरूरत नहीं है। अब आपके पास इसकी शिकायत का एक अलग ही प्लेटफॉर्म होने वाला है। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं। असल में, एक भारतीय छात्र ने एक ऐसी वेबसाईट पर निर्माण कर दिया है, जहाँ घूस मांगने या देने से जुड़े मामलों के शिकायत की जा सकती है। आइए इस वेबसाईट के नाम से लेकर इसके बारे में भी डिटेल्स प्राप्त करते हैं।

भारतीय छात्र ने AI का इस्तेमाल करके बनाई कमाल की वेबसाइट

भारत में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के खिलाफ एक युवा इंजीनियरिंग छात्र ने टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अनोखा इस्तेमाल करते हुए एक नया पोर्टल तैयार कर दिया है। दिल्ली स्थित महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MAIT) के बीटेक छात्र आर्यन निषाद ने Bribes.fyi नाम से एक फ्री और क्राउडसोर्स्ड वेबसाइट बना डाली है, इस समय यह वेबसाईट गूगल पर सर्च करते ही आपको भी जाने वाली है। इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी दफ्तरों में मांगी गई या दी गई रिश्वत की घटनाओं को सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट करने और देखने का मौका देना है।

कैसे काम करती है ये वेबसाइट?

निषाद की ओर से निर्मित इस वेबसाइट के काम करने का तरीका भी बेहद ही आसान है, और इसके साथ साथ यह वेबसाईट सुरक्षित भी है। यदि किसी सरकारी दफ्तर में आपसे रिश्वत की मांग की जाती है, तो आप Bribes.fyi पर जाकर महज एक मिनट में अपनी रिपोर्ट सबमिट कर सकते हैं।

इसमें आपको संबंधित सरकारी विभाग, मांगी गई रकम, शहर और यह बताना होता है कि आपने रिश्वत दी या देने से इनकार कर दिया। इस वेबसाईट की एक अच्छी बात यह भी है कि इसमें यूजर की पहचान को गुप्त रखा जाने वाला है। रिपोर्ट के बाद यह पर्सनल डेटा के सीधे सार्वजनिक डेटाबेस में अनाम (Anonymous) पोस्ट के रूप में जुड़ जाती है।

क्या कहते हैं आँकड़े?

अब तक के आंकड़ों के अनुसार, इस पोर्टल पर देश के 251 शहरों से कुल 616 घूसखोरी के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस लिस्ट में सबसे ज्यादा 337 शिकायतों के साथ पुलिस विभाग सबसे आगे चल रहा है। इसके बाद 88 मामलों के साथ आरटीओ (RTO), 69 मामलों के साथ रेवेन्यू/लैंड रिकॉर्ड्स विभाग, 43 मामलों के साथ पासपोर्ट ऑफिस और 29 मामलों के साथ नगर निगम (Municipal Corporations) का नंबर आता है।

प्लेटफॉर्म पर यह भी सामने आया है कि 38 प्रतिशत मामलों में लोगों ने रिश्वत देने से साफ इनकार किया और इसके बावजूद कई मामलों में उनका काम पूरा हुआ। सोशल मीडिया पर लोग इस पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक डिजिटल क्रांति मान रहे हैं।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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