देश के कई हिस्सों में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है और लोग कम खर्च में राहत पाने के तरीके तलाश रहे हैं. ऐसे में किराये पर AC लेने का चलन तेजी से बढ़ा है. खासकर Students, किराये के फ्लैट में रहने वाले लोग और दूसरे शहरों में अस्थायी तौर पर रहने वाले लोग अब नया AC खरीदने की बजाय Rental AC लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
पहली नजर में किराये पर AC लेना काफी आसान लगता है. हर महीने किराया दीजिए और कमरे में कूलिंग का मजा लीजिए. लेकिन अगर कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज किया जाए, तो बाद में यही फैसला परेशानी का कारण बन सकता है. Hidden Charges से लेकर खराब कूलिंग तक, कई छोटी बातें पूरा अनुभव खराब कर सकती हैं.
कई लोग सिर्फ Monthly Rent देखकर AC बुक कर लेते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि AC लगाने, डिलीवरी, हटाने और घर बदलने पर Shift करने के अलग पैसे देने होंगे. कुछ कंपनियां Security Deposit भी लेती हैं, जो बाद में वापस किया जाता है. इसलिए AC बुक करने से पहले पूरा खर्च अच्छी तरह समझ लेना जरूरी माना जाता है. कई बार सस्ता दिखने वाला प्लान बाद में काफी महंगा पड़ जाता है.
छोटे कमरे के लिए बहुत ज्यादा Powerful AC लेना बिजली का बिल बढ़ा सकता है. वहीं बड़े कमरे में कम Capacity वाला AC लगाने पर सही कूलिंग नहीं मिलती. आमतौर पर छोटे Bedroom के लिए 1 Ton या 1.5 Ton AC काफी माना जाता है. बड़े Hall या Living Room के लिए ज्यादा Capacity वाला मॉडल बेहतर रहता है. गलत AC चुनने पर या तो बिजली ज्यादा खर्च होगी या फिर गर्मी से राहत नहीं मिलेगी.
गर्मी के मौसम में AC अक्सर उसी समय खराब होता है जब उसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है. इसलिए किराये पर AC लेने से पहले यह जरूर पूछना चाहिए कि सर्विस और Repair प्लान में शामिल हैं या नहीं.
कुछ कंपनियां Free Maintenance देती हैं, जबकि कई कंपनियां Technician Visit या Gas Refilling के अलग पैसे लेती हैं. Peak Summer में अगर AC खराब हो जाए और Customer Support कई दिनों तक जवाब न दे, तो परेशानी काफी बढ़ सकती है.
पुराने AC मॉडल शुरुआत में सस्ते जरूर लग सकते हैं, लेकिन वे ज्यादा बिजली खर्च करते हैं. अगर संभव हो तो Inverter AC या ज्यादा Energy Rating वाला मॉडल चुनना बेहतर माना जाता है. शुरुआत में किराया थोड़ा ज्यादा लग सकता है, लेकिन लंबे समय में बिजली का बिल काफी कम आ सकता है.
दिल्ली-NCR जैसी जगहों पर जहां तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है, वहां AC कई घंटों तक लगातार चलता है. ऐसे में बिजली बचाने वाला मॉडल चुनना जरूरी हो जाता है.
अधिकतर लोग यही गलती करते हैं और बाद में पछताते हैं. AC किराये पर लेने से पहले Lock-in Period, Damage Policy, Cancellation Rules और Replacement से जुड़े नियम अच्छी तरह पढ़ने चाहिए. कुछ कंपनियां जल्दी AC वापस करने पर Penalty लेती हैं. वहीं कई मामलों में छोटे नुकसान के लिए भी Extra Charge देना पड़ सकता है.
Installation के समय AC की कूलिंग, आवाज और Overall Condition जरूर चेक करनी चाहिए. अगर Compressor ज्यादा आवाज कर रहा हो या कूलिंग कमजोर लगे, तो तुरंत शिकायत करनी चाहिए. बाद में “एडजस्ट” करना कई महीनों तक परेशानी दे सकता है.
अगर कोई व्यक्ति कुछ महीनों के लिए दूसरे शहर में रह रहा है, Hostel या किराये के फ्लैट में रह रहा है या नया AC खरीदने का बजट नहीं है, तो Rental AC अच्छा विकल्प बन सकता है. हालांकि, सही कंपनी और सही मॉडल चुनना बेहद जरूरी माना जाता है ताकि गर्मियों में अच्छी कूलिंग के साथ बिजली का खर्च भी कंट्रोल में रहे.
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