वॉर या इमरजेंसी के समय हर घर में होने चाहिए ये 5 जरूरी गैजेट्स, आखिरी वाला तो आज ही खरीद लें

22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम-बैसारन आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जानें गईं. इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. इसने पाकिस्तान और PoK में नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. अभी भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है.

किसी भी इमरजेंसी या युद्ध से निपटने के लिए हमारी सेना अलर्ट पर है. ऐसे में आम नागरिक होने के नाते हमें सेना के सभी कदमों का सपोर्ट करना होगा ताकि वह बखूबी अपना काम कर सके. लेकिन, ऐसी किसी स्थिति में हर किसी के पास 5 जरूरी गैजेट्स होने चाहिए जो इमरजेंसी में काम आएंगे.

बैटरी-पावर्ड या हैंड-क्रैंक रेडियो

युद्ध, ब्लैकआउट या इंटरनेट/मोबाइल नेटवर्क फेल होने पर रेडियो आपका लाइफलाइन है. यह All India Radio या सरकारी/सैन्य आपातकालीन प्रसारणों से अपडेट्स देता है. सोलर चार्जिंग, LED फ्लैशलाइट और USB पोर्ट वाले रेडियो को आप खरीद कर रख सकते हैं. अच्छी बात है कि ये बिना बिजली भी घंटों तक काम कर सकते हैं. कीमत 1500 रुपये से 5000 रुपये तक हो सकती है.

सोलर पावर बैंक और चार्जर

हमले, प्राकृतिक आपदा या ब्लैकआउट के दौरान बिजली गुल होना आम है. सोलर पावर बैंक आपके फोन, रेडियो, या टॉर्च को चार्ज रखता है. हाई-कैपेसिटी (20,000mAh+), मल्टीपल USB पोर्ट्स और फास्ट-चार्जिंग सपोर्ट वाला पावर बैंक आप खरीद सकते हैं. इसके लिए आपको 2000 रुपये से 6000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं.

पोर्टेबल वॉटर प्यूरीफायर

आपात स्थिति में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बाधित हो सकती है. पोर्टेबल वॉटर प्यूरीफायर आपको और आपके परिवार को जलजनित बीमारियों से बचाता है. आप पोर्टेबल UV-आधारित प्यूरीफायर्स चुन सकते हैं. ये कॉम्पैक्ट, इजी-टू-यूज और 99.9% बैक्टीरिया/पैरासाइट्स हटाने वाले प्यूरीफायर होते हैं. इसके लिए आपको 1000 से 4000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं.

LED इमरजेंसी लाइट्स और हेडलैम्प्स

बमबारी, ब्लैकआउट या कर्फ्यू के दौरान लंबे पावर कट हो सकते हैं. LED लाइट्स और हेडलैम्प्स घर में रोशनी और नेविगेशन के लिए जरूरी हैं. रिचार्जेबल LED लाइट्स या सोलर-पावर्ड लैंटर्न्स हैंड्स-फ्री ऑपरेशन देते हैं, जो दूसरों की मदद या रात में मूवमेंट के लिए उपयोगी है. ये आपोक आसानी से 500 से 3 हजार तक में मिल जाएंगे.

इमरजेंसी मेडिकल किट (डिजिटल थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर के साथ)

युद्ध या आपदा में अस्पतालों तक पहुंच सीमित हो सकती है. फर्स्ट-एड किट घर पर बेसिक हेल्थ इश्यूज मैनेज करने में मदद करती है. इस लिए आपके पास एंटीसेप्टिक्स, बैंडेज, पेन किलर, जरूरी दवाई, डिजिटल थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर घर पर होनी चाहिए.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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