कई सालों से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स अपने यूजर्स को एक खास भरोसा देते रहे हैं, कि उनकी पर्सनल चैट्स प्राइवेट रहती हैं। “एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड” का टैग डिजिटल सुरक्षा का प्रतीक बन चुका था, जिससे लोगों को यह यकीन रहता था कि उनकी चैट्स को कोई तीसरा व्यक्ति, यहां तक कि ऐप कंपनी खुद भी नहीं पढ़ सकती। लेकिन अब Instagram ने अपने इस अहम फीचर को बंद करने का फैसला लिया है।
आज, 8 मई से इंस्टाग्राम अपने डायरेक्ट मैसेज (DM) में उपलब्ध ऑप्शनल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर को हटाने जा रहा है। यह फीचर साल 2023 में लॉन्च किया गया था। अब जिन यूजर्स ने एन्क्रिप्टेड चैट्स ऑन कर रखी थीं, उन्हें फिर से सामान्य DM सिस्टम पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस बदलाव का असर यूजर्स पर क्या पड़ेगा और क्या इसे लेकर चिंता करने की जरूरत है?
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सिक्योरिटी तकनीक है, जिसमें केवल मैसेज भेजने वाला और पाने वाला व्यक्ति ही चैट को पढ़ सकता है। जिस प्लेटफॉर्म पर चैट हो रही होती है, वह खुद भी उन मैसेजेस तक पहुंच नहीं बना सकता। WhatsApp और Signal जैसे ऐप्स में यह फीचर डिफॉल्ट रूप से चालू रहता है, इसलिए इन्हें ज्यादा सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म माना जाता है।
हालांकि इंस्टाग्राम के सामान्य DM भी इंटरनेट पर ट्रांसफर के दौरान एन्क्रिप्टेड रहते हैं, यानी आपकी चैट्स पब्लिक नहीं होंगी। लेकिन एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटने के बाद Meta जरूरत पड़ने पर कुछ परिस्थितियों में मैसेज कंटेंट तक पहुंच बना सकती है। इसमें कानूनी जांच, मॉडरेशन या सुरक्षा से जुड़े मामले शामिल हो सकते हैं।
इंस्टाग्राम ने साल 2023 के आखिर में एन्क्रिप्टेड DMs फीचर को एक ऑप्शन के तौर पर पेश किया था। WhatsApp की तरह यह डिफॉल्ट रूप से ऑन नहीं था, बल्कि यूजर्स को इसे खुद एक्टिवेट करना पड़ता था। Meta के मुताबिक बहुत कम लोगों ने इस फीचर का इस्तेमाल किया, जिसके चलते कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला लिया है।
कंपनी अब उन यूजर्स को WhatsApp इस्तेमाल करने की सलाह दे रही है, जिन्हें ज्यादा प्राइवेसी चाहिए, क्योंकि वहां सभी चैट्स और कॉल्स में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले से डिफॉल्ट रूप में मौजूद है। हालांकि प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि फीचर कम इस्तेमाल होने की एक वजह यह भी हो सकती है कि काफी यूजर्स को इसके बारे में जानकारी ही नहीं थी या इसे ऑन करना आसान नहीं था।
ज्यादातर लोगों के लिए इंस्टाग्राम पहले की तरह ही काम करता रहेगा। यूजर्स अब भी DMs के जरिए मैसेज, फोटो, वीडियो, वॉइस नोट्स और रील्स भेज सकेंगे। सबसे बड़ा बदलाव प्राइवेसी लेवल में होगा। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटने के बाद:
कंपनी का कहना है कि इंस्टाग्राम DMs का इस्तेमाल उसके AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाता और इस पॉलिसी में फिलहाल कोई बदलाव घोषित नहीं किया गया है।
अगर आप इंस्टाग्राम पर केवल सामान्य बातचीत, मीम्स शेयरिंग या क्रिएटर्स से इंटरैक्शन करते हैं, तो शायद आपको ज्यादा फर्क महसूस नहीं होगा। लेकिन अगर बातचीत में निजी दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, गोपनीय डेटा या संवेदनशील चर्चा शामिल होती है, तो साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वाले प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। ऐसे में WhatsApp और Signal अभी भी निजी मैसेजिंग के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में गिने जाते हैं।
जिन लोगों ने पहले इंस्टाग्राम पर एन्क्रिप्टेड चैट्स चालू की थीं, उन्हें सलाह दी जा रही है कि वे ऐप में आने वाले नोटिफिकेशन जरूर चेक करें। इसके अलावा जरूरी चैट्स, फोटो या फाइल्स का बैकअप डाउनलोड कर लें और संवेदनशील बातचीत के लिए ज्यादा सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें।
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