पासवर्ड याद रखने का झंझट खत्म, व्हाट्सएप ले आया ये दमदार फीचर, देखें आपके किस और कैसे काम आएगा
WhatsApp ने एक नया सुरक्षा फीचर लॉन्च किया है जो यूज़र्स की चैट हिस्ट्री को और भी सुरक्षित बना देने वाला है। अब ऐप में पासकी-बेस्ड एन्क्रिप्शन (Passkey-based Encryption) की सुविधा दी गई है, जिससे चैट बैकअप को अब पासवर्ड या 64-अंकों वाले एन्क्रिप्शन की के बजाय आपके फोन के फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या स्क्रीन लॉक से सुरक्षित किया जा सकेगा। यह अपडेट गुरुवार से धीरे-धीरे सभी यूज़र्स तक रोलआउट होना शुरू हो गया है।
अभी तक के लिए अलग से पासवर्ड बनाना पड़ता था
अब तक यूज़र्स को अपने WhatsApp बैकअप (Google Drive या iCloud) को सुरक्षित रखने के लिए अलग से पासवर्ड बनाना पड़ता था या मैन्युअली एन्क्रिप्शन की को स्टोर करना पड़ता था। लेकिन इस नए पासकी फीचर के साथ, एन्क्रिप्शन अब सीधे आपके डिवाइस की सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़ जाएगा। यानी अब केवल एक टैप या चेहरे की पहचान से आप अपने बैकअप को एन्क्रिप्ट या रिस्टोर कर पाएंगे। WhatsApp के मुताबिक, यह फीचर सुनिश्चित करता है कि आपका बैकअप प्राइवेट रहे, भले ही आपका फोन खो जाए या नया डिवाइस इस्तेमाल किया जाए।
बेहद खास है ये फीचर
यह अपडेट WhatsApp के पहले से मौजूद एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सिस्टम को और मजबूत बनाता है। यह वही सिस्टम है जो आपकी पर्सनल चैट और कॉल को सुरक्षित रखता है ताकि वे सिर्फ़ भेजने वाले और पाने वाले के बीच ही सीमित रहें। WhatsApp का कहना है कि हर मैसेज एक यूनिक डिजिटल की से लॉक किया जाता है, जिसे यहां तक कि WhatsApp खुद भी एक्सेस नहीं कर सकता।
नए सिस्टम से आसान हो जाएगा काम
नए पासकी अपडेट के ज़रिए अब यूज़र्स को जटिल एन्क्रिप्शन डिटेल्स से निपटने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इसके जरिए सालों पुरानी चैट्स, फोटोज़ और वॉयस नोट्स को सुरक्षित रखना पहले से कहीं आसान हो जाएगा।
कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है ये नया फीचर
अगर आप इस फीचर को एक्टिवेट करना चाहते हैं, तो WhatsApp की सेटिंग्स में जाएं- Settings > Chats > Chat Backup > End-to-End Encrypted Backup पर टैप करें और पासकी सिक्योरिटी को ऑन करें। आने वाले कुछ हफ्तों में यह अपडेट सभी Android और iOS यूज़र्स तक पहुंच जाएगा।
व्हाट्सएप के इन यूजर्स को भी होगा फायदा
बिज़नेस चैट्स के लिए भी WhatsApp ने सुरक्षा का ध्यान रखा है। यूज़र्स और बिज़नेस अकाउंट्स के बीच भेजे गए मैसेज भी Signal Encryption Protocol के जरिए सुरक्षित किए जाते हैं। हालांकि, एक बार जब बिज़नेस को मैसेज प्राप्त हो जाता है, तो उसकी हैंडलिंग उस कंपनी की अपनी प्राइवेसी पॉलिसी पर निर्भर करती है। कुछ कंपनियां मार्केटिंग या ग्राहक सेवा के लिए अपने कर्मचारियों या थर्ड-पार्टी वेंडर्स को मैसेज एक्सेस दे सकती हैं।
कुल मिलाकर, यह नया पासकी एन्क्रिप्शन अपडेट WhatsApp यूज़र्स के लिए सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब बिना किसी जटिल पासवर्ड या की मैनेजमेंट के, आपकी चैट्स और मीडिया पहले से कहीं अधिक सुरक्षित रहेंगी।