हर महीने की शुरुआत के साथ ही कुछ न कुछ नियम बदल जाते हैं, कुछ Rules और Regulations में होने वाले बदलाव सीधे तौर पर ग्राहकों को बड़े पैमाने पर आम लोगों को प्रभावित करते हैं और कुछ का असर उनपर नहीं होता है। अब अगस्त का महीना शुरू हो रहा है। 1 अगस्त 2026 से Banking (UPI), Fuel, ITR और कई और चीजों से जुड़े नए नियम बदल रहे हैं। अब इनका असर क्या सीधे तौर पर आम जनता पर पड़ने वाला है कि नहीं, हम यहाँ इसकी जानकारी ही लेने वाले हैं।
UPI यूजर्स के लिए एक अच्छी खबर ऐसी है कि अब इसे ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित किया जाने वाला है। असल में, Payment Apps NPCI की नई Guidelines के तहत एक नया अपडेट लाने वाले हैं, जो डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन यानि DPDP DPDP Framework के साथ अलाइन है। NPCI पहले ही सभी बैंक को सिक्युरिटी के मकसद से Customer-Facing Interfaces पर Mobile Numbers पर आधार कार्ड के जैसे मास्क लगाने के निर्देश दिए हैं।
इसका मतलब है कि Apps को अब Mobile Number के आखिरी चार अंक ही नजर आने वाले हैं। इसके अलावा Phone Number-Based IDs की बजाय Username-Based UPI IDs को डिफ़ॉल्ट किया जाने वाला है। यह सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि User Privacy ज्यादा दुरुस्त हो जाए। ध्यान रहे, भले ही Payment Apps 1 अगस्त से यह बदलाव लागू करना शुरू कर सकते हैं, लेकिन NPCI ने सभी Banks और UPI Apps के पूरी तरह Compliant होने के लिए 9 सितंबर की तक की डेडलाइन भी दी है।
भारत में Financial Onboarding अब पहले से ज्यादा आसान होने वाली है, असल में, सरकार Central KYC यानी CKYC 2.0 के अपग्रेड फ्रेमवर्क को ला रही है। इस नए अपडेट को देखा जाए तो इसमें Financial कामों के लिए Identity Checks पहले से तेज हो जाने वाले हैं।
इसके लिए आपको अपने ID Proofs किसी Financial Company को Submit करने होंगे। एक बार यह हो जाए, तो आपको एक Unique 14-Digit Identification Number मिलेगा, जिसे बाद में नया Bank Account खोलने, Insurance खरीदने या कहीं और निवेश करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह नया CKYC 2.0 Framework Real-Time APIs और Secure OTP-Based Customer Consent का इस्तेमाल करता है, जिससे Financial Institutions सिर्फ आपके Mobile Number या PAN से आपकी Identity तुरंत Verify कर सकते हैं।
हालांकि यह तभी होगा जब आप Secure Mobile OTP के जरिए अपनी साफ अनुमति दें। यह Framework RBI, SEBI और IRDAI ने मिलकर अपने ‘One Nation, One KYC’ Initiative के तहत बनाया है।
Oil Marketing Companies हर महीने की पहली तारीख को घरेलू और कमर्शियल LPG कीमतों में बदलाव करती हैं। अगस्त महीने की नई कीमतें Global Crude Oil Costs, Exchange Rate में होने वाले बदलाव और महीने भर बदलते बाकी Market Factors पर निर्भर करेंगी। इसी वजह से LPG Rates में उतार-चढ़ाव की उम्मीद की जा सकती है। जो लोग Domestic Cylinder इस्तेमाल करते हैं, उन्हें Booking करने से पहले Indian Oil, Bharat Petroleum या Hindustan Petroleum की आधिकारिक वेबसाईट पर कीमतों को जरूर चेक कर लेना चाहिए। ऐसा हो सकता है कि कीमतों में आपको बड़ा बदलाव देखने को मिल जाए। इसके अलावा ऐसा भी हो सकता है कि कीमत घट जाए, या इनमें किसी भी प्रकार का कोई बदलाव हो ही न।
इतना ही नहीं, अगर Commercial Cylinder की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे Restaurants, Hotels और Food Businesses को चलाने का खर्च बढ़ जाने वाला है, जो आखिरकार थोड़ा-बहुत मेनू कीमतों में देखने को मिल सकता है, इसका मतलब है कि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है।
Regular Taxpayers के लिए बिना किसी Penalty के Income Tax Return File करने की आधिकारिक तारीख को देखा जाए तो यह 31 जुलाई थी। जो भी Individual इस Deadline को Miss करके 1 अगस्त से File करेगा, उसे Section 234F के तहत 5,000 रुपये तक की Late Filing Fees, बकाया Taxes पर हर महीने जमा होने वाला Interest, और मौजूदा साल के Financial Losses को आगे Carry Forward करने के अधिकार से हाथ धोना पड़ सकता है।
UPI की Privacy से जुड़े बदलाव और CKYC 2.0 दोनों ही आम आदमी के लिए फायदे की बात हैं, इनसे Security बढ़ेगी और Financial काम पहले से ज्यादा तेज हो जाने वाले हैं। LPG Prices का उतार-चढ़ाव सीधे Household Budget पर असर डालता है, इसलिए Booking से पहले Rates जरूर Check करें। इसके अलावा अगर अभी तक ITR File नहीं किया है, तो Deadline मिस करने के बाद आपको पेनल्टी के तौर पर मोटा पैसा देना पड़ सकता है।
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