वोडाफोन आइडिया लिमिटेड में 36% की हिस्सेदार है अब भारत सरकार, Vi ने क्यों लिया ये फैसला?
Vi ने इन्टरस्ट को इक्विटी में बदलने का फैसला लिया
भारत सरकार के पास होगी Vi में 36% की हिस्सेदारी
Vodafone Group Plc है 28.5% के हकदार

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone idea ltd) में भारत सरकार की 36 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी। कंपनी ने बताया कि बोर्ड ने कंपनी की लाएबिलिटी को इक्विटी में बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वोडाफोन आइडिया में सरकार सबसे बड़ी हिस्सेदार होगी। Vodafone Group Plc 28.5% और आदित्य बिड़ला ग्रुप 17.8% के मालिक होंगे।

हाल ही में टेलीकॉम सैक्टर को राहत देने के लिए सरकार ने कुछ फैसले लिए थे जिसके तहत सरकार ने स्पेक्ट्रम चार्ज (spectrum charges) और AGR बकाए के भुगतान के लिए 4 सालों का मोराटोरियम दिया था। इस दौरान इन्टरस्ट का कैलक्युलेशन जारी रहता हालांकि कंपनी इन्टरस्ट को इक्विटी में भी बदल सकती थी। इसी के परिणामस्वरूप Vi लिमिटेड के बोर्ड ने ड्यू को इक्विटी में बदलने का फैसला लिया है।
Vodafone idea के शेयर 19 फीसदी तक गिरे
भारत सरकार (Gov of India) के किसी प्रतिनिधि ने प्रस्तावित योजना पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। मुंबई में कारोबार के दौरान वोडाफोन आइडिया (Vodafone idea) के शेयर 19 फीसदी तक गिर गए, जो पांच महीनों में सबसे ज्यादा है। बेंचमार्क एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

सरकार (Gov) ने अक्टूबर 2021 में टेलीकॉम राहत पैकेज का ऐलान किया था। वोडाफोन आइडिया (Vodafone idea) ने स्पेक्ट्रम चार्ज और AGR बकाए (due AGR) को 4 सालों में भुगतान करने का विकल्प दिया था। इस दौरान कंपनियों को इन्टरस्ट का भुगतान करना होगा। बाद में DoT (डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम) ने कंपनियों को 90 दिनों का समय देकर कहा कि अगर वो चाहें तो इन्टरस्ट को इक्विटी में बदल सकते हैं। अब वोडाफोन आइडिया (Vodafone idea) ने इसी ब्याज (intrest) को इक्विटी में बदलने का फैसला लिया है।
