कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसा माना जा रहा है कि 5 सालों के लम्बे इंतज़ार के बाद एक बार फिर Karbonn स्मार्टफोन बाजार में अपनी जगह बना सकता है। Karbonn ZenZ Pro नाम के फ़ोन को गीकबेंच डेटाबेस में देखा गया है। अगर यह जानकारी सही साबित होती है तो एक बार फिर इतिहास खुद को दोहराएगा और यह भारतीय कंपनी बजट केटेगरी में दबदबा बनाने के लिए एक बार फिर मैदान में उतरेगी।
अगर आपको micromax याद है तो Karbonn तो आपको मुंह ज़ुबानी रटा होगा। micromax और Karbonn के दौर में दोनों का नाम साथ ही लिया जाता था। इन दोनों के फोन्स साल 2011 की शुरुआत में सुर्खियों में थे लेकिन, जैसे ही भारत में शाओमी ने एंट्री मारी और इसकी सीरीज़ बिकना शुरू हुई, इन भारतीय ब्रांड्स का तो नामो-निशान ही मिट गया। इसके बाद माइक्रोमैक्स और कार्बन फिर कभी अपनी वो जगह भारतीय बाजार में बना ही नहीं सके, इसीलिए उन्होंने दूसरे ब्रांड्स के साथ शामिल होना ही ठीक समझा। अब 5 साल बाद 2026 में Boltt और Mivi जैसे ब्रांड्स की तरह ही एक बार फिर कार्बन भी भारतीय बाजार में अपना सस्ता फ़ोन लॉन्च कर सकता है।
कुछ रिपोर्ट्स के आधार पर ऐसा माना जा रहा है कि कार्बन का एक नया फ़ोन गीकबेंच के डेटाबेस पर देखा गया है। जानकारी सामने आ रही है कि जिस Karbonn ZenZ Pro को गीकबेंच के डेटाबेस पर देखा गया है वह फ़ोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस है। फ़ोन को मल्टी-कोर स्कोर में 1,511 पॉइंट और गीकबेंच सिंगल-कोर स्कोर में 421 पॉइंट प्राप्त हुए हैं। इस डिवाइस में मीडियाटेक MT6769V/CB ऑक्टा कोर प्रोसेसर है और ग्राफिक्स के लिए इसमें Mali-G52 MC2 GPU मिलने की उम्मीद है। इसका मतलब यह फ़ोन मीडियाटेक G70 चिपसेट से लैस हो सकता है।
हाल के समय में कई भारतीय ब्रांड्स ने स्मार्टफोन कैटेगरी में शुरुआत की है। उदहरण के तौर पर अगर देखा जाए तो बोल्ट के दो फोन हाल ही में लॉन्च हुए हैं। भारतीय ब्रांड Ai+ भी तेज़ी से उभरा है, और तो और Mivi भी जल्द 15000 रुपये की प्राइस रेंज में एक नया डिवाइस लेकर आने वाली है। ऐसे में कार्बन से जुड़ी इन ख़बरों को नज़रअंदाज़ करना ठीक नहीं होगा। सरकार का भी यह कहना है कि अगले 10 से 14 महीनों में दो-तीन भारतीय ब्रैंड्स स्मार्टफोन कैटिगरी में उभर सकते हैं।
RAM और मेमोरी की बढ़ती कीमतों के कारण चाइनीज़ कंपनियों के स्मार्टफोन्स के दाम आसमान छू रहे हैं। जहाँ रियलमी और रेडमी के स्मार्टफोन्स 20 से 25 हज़ार तक की मिड-रेंज में मिल जाय करते थे वहीं आज के समय में उनकी कीमत 40 हज़ार से भी ऊपर हो चुकी है।
इसीलिए 20000 से कम कीमत में मिल जाने वाले स्मार्टफोन्स के विकल्प अब सीमित हो चुके हैं। जो कुछ मॉडल्स बचे भी हैं अब वह 5G नहीं हैं, 4G हैं। अगर आज के दौर में कार्बन भी बोल्ट की तरह 15000 रुपये की प्राइस रेंज में तगड़ा 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है, तो भारतीय कंपनियों का दबदबा वापस खड़ा हो सकता है।
भले ही भारतीय ब्रांड 15000 रुपये से कम में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन यह भी जानना ज़रूरी है कि इससे कुछ ख़ास बदलने वाला नहीं है। 15000 रुपये की किफ़ायती कीमत में भले ही ग्राहकों को ढेरों विकल्प मिल जाएं लेकिन फीचर्स भी उन्हें उतने ही कम मिलेंगे। क्योंकि जब चीनी कंपनियां 20000 रुपये से कम कीमत में उतने अच्छे स्मार्टफोन्स नहीं बना पा रहीं हैं, तो भारतीय ब्रांड्स के लिए भी यह मुश्किल है।
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