Google द्वारा Pixel 3 को लॉन्च करने के दौरान इसके की-फीचर्स में Digital Wellbeing सबसे ख़ास था जिसे बाद में अन्य पिक्सल और एंड्राइड फोंस में भी शामिल किया गया। इस फीचर को लाने का मुख्य मकसद यह था कि यूज़र्स यह जान सकें कि वे कितना अधिक स्मार्टफोन को यूज़ कर रहे हैं और ज़रूरत पड़ने पर इसे डीटेच कर सकें। बाद में सामने आया कि यह पिक्सल फोंस की बैटरी लाइफ को कम करता है और गूगल ने यूज़र्स के साथ बातचीत की और खंडन किया कि गूगल पिक्सल फोंस की बैटरी लाइफ में सुधार के लिए कुछ क़दम उठाएगा।
यह तो साफ़ नहीं हुआ है कि इस फिक्स को किसने तैयार किया है लेकिन यूज़र्स ने डिजिटल वेलबींग को डिसेबल करने पर डिवाइस की बैटरी लाइफ में बेहतर परफॉरमेंस का अनुभव किया है। माना जा रहा है कि ऐप में कोई ऐसा बग हो सकता है जो बैटरी लाइफ को तेज़ी से ख़त्म कर रहा हो।
गूगल ने इस मुद्दे पर जांच करने का वादा किया था और अब कम्पनी का कहना है कि डिजिटल वेलबींग ऐप की परफॉरमेंस में कोई समस्या सामने नहीं आई है। इसके अलावा, पिक्सल डिवाइस की परफॉरमेंस में कुछ समस्या हो सकती है जिसे जल्द फिक्स किया जाएगा।
कुछ यूज़र्स के अनुसार डिजिटल वेलबींग ऐप को टर्न ऑफ़ करने पर बैटरी लाइफ में सुधार देखने को मिला है और कुछ का कहना है कि ऐप को अनइंस्टाल करना मुमकिन नहीं है।
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