WhatsApp के Username फीचर पर विवाद, Ankur Warikoo ने जताई चिंता, क्या होने लगेगा स्कैम?

HIGHLIGHTS

WhatsApp का नया Username फीचर भारत में स्कैम का नया जरिया बन सकता है.

Dhruv Rathee ने भी Meta पर फर्जी विज्ञापनों और स्कैम को लेकर सवाल उठाए.

WhatsApp जल्द यूजरनेम के जरिए बिना मोबाइल नंबर शेयर किए चैट की सुविधा देगा.

WhatsApp का नया Username फीचर लॉन्च होने से पहले ही विवादों में आ गया है. Meta के इस नए अपडेट को कंपनी ने प्राइवेसी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है, लेकिन भारत में कई लोग इसे ऑनलाइन ठगी और फर्जी पहचान वाले स्कैम के लिए नया रास्ता मान रहे हैं.

WhatsApp जल्द ही ऐसा फीचर ला रहा है, जिससे यूजर अपना मोबाइल नंबर शेयर किए बिना सिर्फ Username के जरिए दूसरे लोगों से चैट कर सकेंगे. यूजर Settings > Account > Username में जाकर अपना यूनिक यूजरनेम रिजर्व कर सकेंगे. फिलहाल इस फीचर को चरणबद्ध तरीके से रोलआउट किया जा रहा है.

Ankur Warikoo ने जताई चिंता

उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर Ankur Warikoo ने इस फीचर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि अगर WhatsApp ने मजबूत एंटी-एब्यूज सिस्टम नहीं बनाया, तो भारत जैसे देश में यह फीचर बड़े स्कैम का कारण बन सकता है.

उन्होंने लिखा कि कोई भी व्यक्ति warikoo, awarikoo, ankur_warikoo या इसी तरह का मिलता-जुलता Username बनाकर लोगों से पैसे मांग सकता है. ऐसे में कई लोग असली और नकली अकाउंट में फर्क नहीं कर पाएंगे.

Warikoo का कहना है कि अभी भी बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर वेरिफाइड बैज को ठीक से नहीं समझते. ऐसे में जब मोबाइल नंबर भी दिखाई नहीं देगा, तो किसी की पहचान करना और मुश्किल हो जाएगा.

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले वह Meta के खिलाफ AI से बनाए गए फर्जी विज्ञापनों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं. उनका आरोप था कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर लोगों को फर्जी निवेश वाले WhatsApp ग्रुप में जोड़ा जा रहा था.

Dhruv Rathee ने भी Meta पर साधा निशाना

YouTuber Dhruv Rathee ने भी इस बहस में हिस्सा लिया और Meta की आलोचना की. उन्होंने कहा कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य सिर्फ ज्यादा से ज्यादा कमाई करना है और उसके दूसरे प्लेटफॉर्म पर पहले से ही कई फर्जी विज्ञापन और स्कैम चल रहे हैं.

उनका कहना था कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो WhatsApp पर भी ऐसी ही समस्या देखने को मिल सकती है.

सोशल मीडिया पर बंटी लोगों की राय

हालांकि सभी लोग Warikoo की बात से सहमत नहीं हैं. कई यूजर्स का कहना है कि फर्जी पहचान का खतरा पहले से X, Facebook और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर मौजूद है. उनके मुताबिक किसी की प्रोफाइल फोटो और नाम कॉपी करके आज भी कोई भी फर्जी अकाउंट बना सकता है.

कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि WhatsApp को Username फीचर के साथ Blue Tick Verification, मजबूत रिपोर्टिंग सिस्टम और बेहतर एंटी-इम्पर्सनेशन फीचर भी लाने चाहिए, ताकि फर्जी अकाउंट्स पर जल्दी कार्रवाई हो सके.

भारत में सबसे बड़ी चुनौती होगी भरोसा

भारत में WhatsApp के 85 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं. ऐसे में Username फीचर प्राइवेसी तो बढ़ा सकता है, लेकिन अगर सुरक्षा के मजबूत इंतजाम नहीं किए गए तो फर्जी पहचान, स्कैम और इम्पर्सनेशन के मामले भी बढ़ सकते हैं. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि Meta इस फीचर के साथ कौन-कौन से सुरक्षा उपाय लागू करता है और क्या वह प्राइवेसी और सिक्योरिटी के बीच सही संतुलन बना पाता है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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