डेटिंग ऐप Tinder लाया खास फीचर, फौरन पता चलेगा सामने वाला असली है या नहीं.. जानें कैसे करता है काम

डेटिंग ऐप्स पर ‘राइट स्वाइप’ करने से पहले क्या आपके मन में भी यह सवाल आता है कि सामने वाली प्रोफाइल असली है भी या नकली? आपकी इसी सबसे बड़ी चिंता को दूर करने के लिए, Tinder अब भारत में एक नया और जबरदस्त ‘फेस चेक’ (Face Check) फीचर ले आया है.

अब आपको किसी की प्रोफाइल पर भरोसा करने के लिए सिर्फ तस्वीरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि एक सेल्फी वीडियो यह साबित करेगा कि प्रोफाइल असली है या नहीं. यह कदम डेटिंग ऐप्स पर बढ़ते AI स्कैम्स और फर्जी प्रोफाइल्स से निपटने के लिए उठाया गया है. आइए, इस नए सेफ्टी फीचर के बारे में विस्तार से जानते हैं.

क्या इस फीचर से खत्म होगा फर्जी प्रोफाइल्स का खतरा?

पहले डेटिंग ऐप्स लोगों से जुड़ने और बातचीत करने का एक मजेदार जरिया हुआ करते थे. लेकिन डिजिटल स्कैम्स के बढ़ते डर ने इन ऐप्स को भी अपनी चपेट में ले लिया है, जहां लोगों पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है. कई बार लोग किसी और की तस्वीरें लगाकर फर्जी प्रोफाइल बना लेते हैं या फिर AI की मदद से ऐसी तस्वीरें बना लेते हैं जो बिल्कुल असली लगती हैं.

‘फेस चेक’ इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम लगता है. इस फीचर में, आपको एक छोटा सेल्फी वीडियो बनाना होगा. Tinder का सिस्टम इस वीडियो की तुलना आपकी प्रोफाइल फोटोज से करेगा. अगर दोनों मैच हो जाते हैं, तो आपकी प्रोफाइल पर एक ‘वेरिफाइड’ बैज लग जाएगा, जिससे दूसरे यूजर्स को यह पता चल जाएगा कि आपकी प्रोफाइल असली है.

लेकिन AI के इस दौर में यह कितना कारगर है?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह फीचर वाकई काम करेगा? आज के समय में, जहां AI-पावर्ड वीडियो और फोटो एडिटिंग टूल्स आम हो गए हैं, वहां इस तरह की जांच को भी बायपास किया जा सकता है. डीपफेक जैसी टेक्नोलॉजी का खतरा भी एक बड़ी चुनौती है.

Tinder का कहना है कि वह स्कैम्स, बॉट्स और किसी और का नाम इस्तेमाल करने वालों को सीमित करना चाहता है, और इसके लिए वह किसी व्यक्ति को वेरिफाई करने के लिए ऑफिशियल आईडी मांगने को भी तैयार है. इसके अलावा, प्लेटफॉर्म यूजर्स को यह भी अलर्ट करेगा कि क्या कोई उन्हें संदिग्ध मैसेज भेज रहा है. ये सभी सेफ्टी फीचर्स बहुत पहले ही आ जाने चाहिए थे, लेकिन देर आए दुरुस्त आए.

Tinder ने यह नहीं बताया है कि उसका चेकिंग मैकेनिज्म कितना मजबूत है, लेकिन इसका ग्लोबल रोलआउट बताता है कि लोगों ने इसका व्यापक रूप से उपयोग किया है और अपनी प्रोफाइल्स को बैज के साथ वेरिफाई करवाया है. जो वेरिफिकेशन पहले प्रोफेशनल साइट्स और सोशल मीडिया नेटवर्क्स पर शुरू हुआ था, वह आखिरकार अब इन जैसे ऐप्स के लिए भी एक जरूरी फीचर बन गया है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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