डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने Wallet से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. कंपनी ने नई गाइडलाइंस में बताया है कि यदि कोई यूजर्स 365 दिनों तक PhonePe Wallet का इस्तेमाल नहीं करता है तो उससे 100 रुपये तक का Inactivity Maintenance Fee लिया जा सकता है. इस अपडेट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है.
कई यूजर्स का कहना है कि वे PhonePe का इस्तेमाल केवल UPI भुगतान के लिए करते हैं और Wallet का उपयोग नहीं करते. ऐसे में नया नियम कुछ लोगों को परेशान कर सकता है.
PhonePe के अनुसार किसी Wallet में यदि लगातार एक साल तक कोई वित्तीय लेनदेन नहीं होता है तो उसे Inactive Wallet माना जाएगा.
महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल PhonePe ऐप खोलना या बैंक खाते से UPI भुगतान करना Wallet Activity नहीं माना जाएगा. शुल्क से बचने के लिए यूजर्स को Wallet के माध्यम से कोई वित्तीय लेनदेन करना होगा. कंपनी का कहना है कि Wallet का इस्तेमाल दोबारा शुरू करने पर उसे सक्रिय माना जाएगा.
PhonePe ने स्पष्ट किया है कि शुल्क लगाने से पहले यूजर्सओं को 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा. यदि Wallet में 100 रुपये या उससे अधिक बैलेंस मौजूद है तो कंपनी सीधे 100 रुपये काट सकती है. वहीं यदि Wallet में 100 रुपये से कम राशि है तो उपलब्ध पूरी राशि काट ली जाएगी और Wallet का बैलेंस शून्य हो जाएगा. कंपनी किसी भी स्थिति में Wallet को नेगेटिव बैलेंस में नहीं ले जाएगी.
नई शर्तों की जानकारी सामने आने के बाद कई यूजर्सओं ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. कुछ लोगों का कहना है कि वे PhonePe Wallet का इस्तेमाल नहीं करते और केवल UPI के जरिए भुगतान करते हैं. ऐसे में Inactive Wallet पर शुल्क लगाना उचित नहीं है.
⚠️ Seriously, what is this, PhonePe?
— Abhishek Yadav (@yabhishekhd) June 17, 2026
PhonePe has started warning users that inactive wallets will be charged ₹100 every quarter after 12 months of inactivity.
Most people don't even use PhonePe Wallet. They use UPI directly from their bank account and may not even know a… pic.twitter.com/SZHFcgASng
वहीं कुछ यूजर्स ने इसे ऐसी सुविधा के लिए शुल्क वसूलने जैसा बताया है जिसका वे नियमित उपयोग ही नहीं करते. हालांकि PhonePe की ओर से कहा गया है कि यह शुल्क केवल लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले Wallet पर लागू होगा.
डिजिटल भुगतान क्षेत्र में इस तरह का शुल्क नया नहीं है. इससे पहले भी कई फिनटेक कंपनियां निष्क्रिय Wallet पर शुल्क लगाने की व्यवस्था लागू कर चुकी हैं. MobiKwik ने 2021 में इसी तरह की नीति लागू की थी. वहीं Airtel Payments Bank ने भी पहले निष्क्रिय Wallet पर मेंटेनेंस शुल्क वसूला था.
Airtel की पुरानी नीति के तहत यदि Wallet तीन महीने तक इस्तेमाल नहीं किया जाता था तो 20 रुपये तक का शुल्क लिया जा सकता था. बाद में कंपनी ने Annual Maintenance Charge (AMC) मॉडल लागू किया.
यह नियम मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित कर सकता है जिन्होंने PhonePe Wallet बनाया हुआ है लेकिन लंबे समय से उसका उपयोग नहीं कर रहे हैं. जो यूजर्स नियमित रूप से Wallet के जरिए भुगतान या अन्य लेनदेन करते हैं, उन्हें इस शुल्क की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी.
जिन लोगों के Wallet में पैसा पड़ा है, उन्हें समय-समय पर उसकी गतिविधि जांचते रहनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के शुल्क से बचा जा सके.
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