भूल जाइए 6G-7G! जापान में इंटरनेट स्पीड के मामले में तोड़ा रिकॉर्ड, 10 लाख GB प्रति सेकेंड, पूरी Netflix 1 सेकेंड में होगी डाउनलोड

HIGHLIGHTS

जापान ने दुनिया की सबसे तेज़ इंटरनेट स्पीड का रिकॉर्ड बनाया: 1.02 पेटाबिट प्रति सेकंड

यह रिकॉर्ड आम साइज की फाइबर ऑप्टिक केबल से बना, जिससे मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड करना आसान होगा

यह तकनीक 6G, क्लाउड और AI सेवाओं के भविष्य को नई रफ्तार दे सकती है

टेक्नोलॉजी की दुनिया से आई यह खबर आपके होश उड़ा सकती है. जापान के वैज्ञानिकों ने अब तक की सबसे तेज इंटरनेट स्पीड रिकॉर्ड कर ली है. यह फास्ट इंटरनेट स्पीड है 1.02 पेटाबिट प्रति सेकंड. यानी एक सेकंड में 10 लाख GB डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है. आसान शब्दों में कहें, तो आप पूरी नेटफ्लिक्स लाइब्रेरी को पल भर में डाउनलोड कर सकते हैं.

इस क्रांतिकारी स्पीड को जापान के National Institute of Information and Communications Technology (NICT) के वैज्ञानिकों ने अंजाम दिया है. साथ ही कमाल की बात यह है कि उन्होंने इसके लिए कोई नई या विशाल तकनीक नहीं बनाई बल्कि वही साधारण साइज की फाइबर ऑप्टिक केबल्स इस्तेमाल कीं, जो आज दुनियाभर में चलन में हैं.

रिसर्चर्स ने बताया कि इतनी स्पीड से 1.27 लाख साल की म्यूजिक लाइब्रेरी या एक साथ 1 करोड़ 8K वीडियो भी स्ट्रीम किए जा सकते हैं. यानी 10 लाख GB प्रति सेकेंड के हिसाब आपको स्पीड मिलेगी.

कैसे किया यह कारनामा?

NICT की टीम ने 19-कोर ऑप्टिकल फाइबर सिस्टम का उपयोग किया. जिसमें एक नहीं बल्कि कई डेटा रास्ते होते हैं. इसका मतलब है कि एक ही समय में कई चैनल्स से डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है.

इस रिकॉर्ड स्पीड को 1,808 किलोमीटर तक पहुंचाया गया. वह भी बिना किसी स्पेशल या बड़ी केबल के. यानी यह तकनीक न केवल तेज है, बल्कि मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी फिट हो सकती है. इसके लिए अलग से कोई केबल लगाने की जरूरत नहीं है. अगर यह स्पीड पूरी दुनिया में आ जाती है तो एक क्रांति हमें देखने को मिलेगी.

क्यों है ये इतना बड़ा कदम?

यह स्पीड अभी आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसका मतलब साफ है:
भविष्य का इंटरनेट बेहद तेज, बेहद सक्षम और पूरी तरह स्केलेबल होगा. इससे 6G नेटवर्क, क्लाउड सिस्टम्स, अंडरसी डेटा केबल्स और एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में नई क्रांति आ सकती है.

कब मिलेगा इतना तेज इंटरनेट?

आपको फिलहाल इतना तेज इंटरनेट नहीं मिलेगा. लेकिन यह रिसर्च दिखाती है कि दुनिया तेज़ी से उस ओर बढ़ रही है जहां बफरिंग, नेटवर्क डाउन और स्लो इंटरनेट बीते जमाने की बात बन जाएंगी. इसको कर्मशियल लेवल पर स्केलिंग करने में कुछ सालों का समय लग सकता है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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