Chrome Alert: भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) ने Google Chrome डेस्कटॉप ब्राउजर के यूजर्स के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है. इस चेतावनी के अनुसार, Chrome ब्राउजर में पाई गई कुछ तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर हैकर आपकी डिवाइस को पूरी तरह से कंट्रोल कर सकते हैं.
यह चेतावनी CIVN-2025-0130 के नाम से जारी की गई है और इसे High Severity श्रेणी में रखा गया है. इसका अर्थ है कि यह खामियां बहुत ही गंभीर हैं और यदि इन्हें समय रहते ठीक नहीं किया गया, तो यूजर्स को गंभीर नुकसान हो सकता है.
यह खामियां नीचे बताए गए सभी वर्जनों से पहले के वर्जन में पाई गई हैं
Windows और macOS: 137.0.7151.119 / .120
Linux: 137.0.7151.119
इन कमजोरियों की मुख्य वजह Chrome के V8 JavaScript इंजन में integer overflow और Profiler कंपोनेंट में यूज-आफ्टर-फ्री बग बताई गई है.
अगर कोई यूजर Chrome का पुराना वर्जन चला रहा है और वह किसी विशेष रूप से तैयार की गई हार्मफुल वेबसाइट पर जाता है तो हैकर दूर बैठकर उस सिस्टम पर हार्मफुल कोड चला सकता है. इससे हैकर्स को कई तरह के एक्सेस मिल सकते हैं.
इस वजह से ये खामियां न केवल पर्सनल यूजर्स के लिए बल्कि सरकारी और कॉर्पोरेट संस्थानों के लिए भी खतरनाक हैं जो अपने कामकाज में Google Chrome का रेगुलर उपयोग करते हैं.
CERT-In और Google दोनों ने सलाह दी है कि Chrome के यूजर्स तुरंत अपने ब्राउजर को लेटेस्ट स्टेबल वर्जन में अपडेट करें. Google ने भी यह जानकारी दी है कि सभी प्लेटफॉर्म के लिए नया अपडेट जारी कर दिया गया है.
यह चेतावनी क्यों अहम है?
भारत में बड़ी संख्या में लोग और संस्थाएं Google Chrome का उपयोग करते हैं. ऐसे में यदि यह सुरक्षा खामियां बड़े स्तर पर एक्सप्लॉइट की जाती हैं, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं. इसी को देखते हुए CERT-In ने इसे High Severity Alert घोषित किया है और सभी उपयोगकर्ताओं से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है.
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