Mirzapur Season 4 Update: प्राइम वीडियो की चर्चित क्राइम ड्रामा सीरीज ‘मिर्जापुर’ के चौथे सीजन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ की सफलता के बाद मेकर्स ने सीरीज के अगले सीजन पर काम शुरू कर दिया है। डायरेक्टर गुरमीत सिंह ने जुलाई में पुष्टि की थी कि ‘मिर्जापुर 4’ की स्क्रिप्टिंग पर काम चल रहा है। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके प्रोडक्शन की टाइमलाइन 2027 की शुरुआत तक तय की जा सकती है।
सीरीज में गोलू गुप्ता का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी भी इस भूमिका में दोबारा लौटने के लिए उत्साहित हैं। उनका मानना है कि गोलू की कहानी में अभी कई ऐसे पहलू हैं, जिन्हें आगे दिखाया जा सकता है। किरदार ने अब तक जिन मुश्किल हालात, हिंसा और अपनों को खोने जैसे अनुभवों का सामना किया है, उनका असर उसके व्यक्तित्व पर किस तरह पड़ता है, यह आगे की कहानी का अहम हिस्सा हो सकता है।
‘मिर्जापुर’ की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ की सफलता के बाद निर्माता अब सीरीज के चौथे सीजन को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। डायरेक्टर गुरमीत सिंह ने Variety India से बातचीत में बताया था कि नए सीजन की स्क्रिप्टिंग का काम जारी है। हालांकि, इसकी शूटिंग और प्रोडक्शन से जुड़ी टाइमलाइन को फ़ाइनल करने में अभी समय लग सकता है।
Mid-Day की रिपोर्ट के अनुसार, चौथे सीजन की कहानी का ढांचा फिल्म के साथ ही तैयार किया गया था। अगले सीजन में कहानी वहीं से आगे बढ़ सकती है, जहां तीसरे सीजन का अंत हुआ था। फिलहाल, मेकर्स ने नए सीजन के प्लॉट, कलाकारों और शूटिंग शेड्यूल को लेकर डिटेल में जानकारी साझा नहीं की है।
‘मिर्जापुर’ के तीसरे सीजन में कहानी गुड्डू पंडित के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कालीन भैया के गायब होने के बाद मिर्जापुर की गद्दी पर अपना दबदबा कायम करने की कोशिश करता है। दूसरी ओर, अखंडानंद त्रिपाठी यानी कालीन भैया को शरद शुक्ला की देखरेख में गुप्त रूप से ठीक होते हुए दिखाया जाता है। गुड्डू और गोलू जहां अपनी सत्ता मजबूत करने में जुटे रहते हैं, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक जोड़-तोड़ तेज हो जाती है। बीना दोहरी भूमिका निभाती है, जबकि मुख्यमंत्री माधुरी यादव अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाती हैं।
कहानी उस समय निर्णायक मोड़ पर पहुंचती है, जब कालीन भैया एक अहम और बेहद संवेदनशील बैठक में दोबारा सामने आते हैं। वह एक खतरनाक विश्वासघात को अंजाम देते हैं, जिससे सत्ता का पूरा समीकरण बदल जाता है। इसके बाद गुड्डू जेल पहुंच जाता है, गोलू को भागना पड़ता है और मिर्जापुर की गद्दी पर कब्जे की लड़ाई एक बार फिर खुली रह जाती है।
तीसरे सीजन के इसी घटनाक्रम के बाद चौथे सीजन में कहानी यहीं से आगे बढ़ने की उम्मीद है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि गुड्डू, गोलू और कालीन भैया की लड़ाई किस दिशा में जाती है और मिर्जापुर की सत्ता पर आखिर किसका राज कायम होता है।
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