WhatsApp पर किसी अनजान को अपना पर्सनल फोन नंबर देना कई बार आपको सही और सहज नहीं लगता है। ऐसा मेरे और आपके साथ भी कई बार हुआ होगा कि किसी काम के सिलसिले में या नए व्यक्ति से चैट करने के लिए मजबूरी में अपना नंबर शेयर करना पड़ता है। व्हाट्सएप ने इसी समस्या का हल निकालने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला था और ‘Username’ फीचर की तैयारी की थी, ताकि नंबर की जगह सिर्फ यूजरनेम से काम चल जाए। यहाँ तक कि यूजरनेम ब्लॉक करने की पहल भी शुरू हो चुकी थी।
लेकिन, भारतीय यूज़र्स के लिए अब एक बहुत बड़ा ट्विस्ट आ गया है! जो सरकार पहले इस फीचर की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर सिर्फ जांच करने की बात कह रही थी, अब उसने बेहद सख्त कदम उठा लिया है। केंद्र सरकार ने भारत में व्हाट्सएप के इस ‘यूज़रनेम’ फीचर के रोलआउट पर फिलहाल पूरी तरह से रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, सरकार ने व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को नटिस थमाते हुए सिर्फ 3 दिनों के भीतर इस पर विस्तृत जवाब मांग लिया है।
WhatsApp जल्द ही यूजर्स को एक यूनीक यूजरनेम बनाने की सुविधा देगा। इसके बाद किसी से बात करने के लिए फोन नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होने वाली है। बस यूजरनेम शेयर करें और इसके बाद बात करना भी शुरू हो जाने वाला है। यूजरनेम अगर बनाने की बात आती है यह ऑप्शनल होने वाला है, इसके लिए व्हाट्सएप आपसे किसी भी तरह की जबदस्ती नहीं करने वाला है। यूजरनेम को जब चाहो बदल बदला जा सकता है और हटाया भी जा सकता है। यह 35 कैरेक्टर तक लंबा हो सकता है। बड़े नाम यानि सेलिब्रिटी और जाने माने लोगों के यूजरनेम प्रोटेक्ट भी किये जाने वाले हैं, ताकि कोई अन्य इनपर क्लेम न कर सके।
Govt notice asks Meta to explain why action shouldn't be initiated under IT Act & rules over WhatsApp feature that may increase cybercrimes
— Press Trust of India (@PTI_News) July 1, 2026
इसके अलावा क्रीऐटर्स के साथ साथ बिजनेस आदि के अलावा बड़ी संस्था आदि के लिए व्हाट्सएप यह सुविधा देने वाला है कि वह अपने Instagram और Facebook के ही यूजरनेम इस्तेमाल कर सकते हैं। बाकी यूजर्स के लिए Meta Accounts Centre के जरिए accounts link करने का ऑप्शन भी मिलने वाला है।
यह फीचर अभी धीरे धीरे रोलआउट हो रहा है, इसका मतलब है कि सभी तक पहुँचने में इसे अभी के लिए कुछ समय लगने वाला है। व्हाट्सएप ने कहा है कि एप को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करके इस फीचर के आने का इंतज़ार करना चाहिए।
भारत में इस समय ऑनलाइन स्कैम, फिशिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धोखाधड़ी पहले से ही एक नासूर बन चुकी है। स्कैमर्स नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अभी तक तो स्कैमर का फोन नंबर पुलिस या जांच एजेंसियों के हाथ लग जाता था, जिससे उसकी पहचान हो पाती थी। लेकिन अगर सिर्फ यूजरनेम-बेस्ड सिस्टम आ गया, तो अपराधियों को अपनी पहचान छिपाना और भी आसान हो जाएगा।
WhatsApp username feature may increase cases of online fraud, phishing, digital arrest scams, impersonation attacks: Govt to Meta
— Press Trust of India (@PTI_News) July 1, 2026
केंद्र का मानना है कि अपराधी किसी आम व्यक्ति, सरकारी अधिकारी, या बैंक से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को आसानी से डिजिटल अरेस्ट या ठगी का शिकार बना लेंगे। सरकार ने Meta से साफ-साफ पूछा है कि यह फीचर भारतीय कानूनों, आईटी एक्ट 2000 और आईटी नियम 2021 का पालन कैसे करेगा? साथ ही, अगर कोई क्राइम होता है, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) को मैसेज भेजने वाले की असली पहचान कैसे मिलेगी? सरकार का रुख साफ है, जब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, यह फीचर भारत में लॉन्च नहीं होगा।
आर्टिकल में AI से निर्मित इमेज इस्तेमाल हुई हैं।
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