WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर पर सवाल उठाने के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने अब Telegram और Signal को भी नोटिस जारी किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने दोनों मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से उनके Username फीचर से जुड़े सुरक्षा उपायों की जानकारी मांगी है। सरकार जानना चाहती है कि ये कंपनियां फर्जीवाड़ा, पहचान की चोरी और अन्य साइबर अपराधों को रोकने के लिए क्या इंतजाम कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने Telegram से यह भी पूछा है कि उसे अपने प्लेटफॉर्म पर Username फीचर जारी रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए।
इससे पहले बुधवार को केंद्र सरकार ने Meta को भी WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर को लेकर नोटिस भेजा था। सरकार का कहना है कि अगर यूजर्स मोबाइल नंबर की बजाय Username के जरिए संपर्क करेंगे, तो इससे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम और फर्जी पहचान बनाकर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
Government widens scrutiny over 'username' feature. After issuing a notice to WhatsApp yesterday, the Ministry of Electronics and IT (MeitY) has now sent notices to Telegram and Signal as well. Both platforms have been asked to explain their 'username' feature and its safeguards… pic.twitter.com/JOxC1aD9Bu
— ANI (@ANI) July 2, 2026
सरकार ने WhatsApp को निर्देश दिया है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार और कंपनी के बीच परामर्श की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक भारत में Username फीचर को रोलआउट न किया जाए।
नोटिस में Meta से यह भी पूछा गया है कि ऐसे फीचर को लेकर उसके खिलाफ आईटी एक्ट और उससे जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। सरकार ने यह भी याद दिलाया कि WhatsApp एक Significant Social Media Intermediary (SSMI) है और उस पर आईटी कानून के तहत निर्धारित सभी आवश्यक सावधानियों और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
सरकार के नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए WhatsApp ने कहा कि उसका Username फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है और इसमें यूजर्स को स्कैम और फर्जी पहचान से बचाने के लिए कई सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं।
भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है, जहां इसके 50 करोड़ (500 मिलियन) से अधिक यूजर्स हैं। वहीं Telegram भी हाल के दिनों में सरकार की कड़ी निगरानी में रहा है। लीक और फर्जी NEET परीक्षा प्रश्नपत्रों के लीक को रोकने में विफल रहने का हवाला देते हुए सरकार ने हाल ही में Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था, जिसे 22 जून तक लागू रखा गया था।
यह भी पढ़ें: लूट लो! आधी से भी कम कीमत में बिक रहा TCL का ये LED Smart TV, यहां मिल रही सुनहरी डील