देखा जाये तो आज के दौर में आने वाले स्मार्ट टीवी पहले के टीवी से मुताबिक बहुत ही बेहतर डिस्प्ले टेक्नोलॉजी और कलर क्वालिटी के साथ आते हैं। OLED, QLED, Mini LED और Micro RGB जैसी नई तकनीकों की वजह से ये टीवी लाखों-करोड़ों रंगों को बेहद सटीक तरीके से दिखाने में सक्षम हैं। इसी के साथ DCI-P3 और BT.2020 जैसे एडवांस कलर गैमट सपोर्ट के कारण वेब सीरीज़, फल्मों और गेम्स में रंग पहले से भी ज़्यादा वाइब्रेंट दिखाई देते हैं। अच्छी बात यह है कि बेहतर कलर एक्युरेसी पाने के लिए हमेशा प्रोफेशनल कैलिब्रेशन पर हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है। टीवी में मौजूद कुछ आसान सेटिंग्स बदलकर भी आप पिक्चर क्वालिटी को काफी हद तक बेहतर बना सकते हैं। हालांकि कई बार महंगे टीवी खरीदने के बाद भी यूजर्स को वैसी पिक्चर क्वालिटी नहीं मिलती है, जैसी वे उम्मीद करते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह गलत डिस्प्ले सेटिंग्स होती हैं। तो आइए जानते हैं कि कौन-सी सेटिंग्स आपके टीवी के कलर को अधिक नेचुरल और वास्तविक बनाने में मदद कर सकती हैं।
जब भी हम टीवी की पिक्चर क्वालिटी कि बात करते हैं तो उसमें सबसे ज़रूरी बात कलर टेम्परेचर की आती है। कलर टेम्परेचर यह तय करता है कि स्क्रीन पर दिखने वाली इमेज ज़्यादा गर्म लगेगी या ज़्यादा ठंडी। अगर ध्यान दें तो कलर टेम्परेचर में तस्वीर पर नीले या हरे रंग का प्रभाव ज़्यादा नज़र आता है। वहीं दूसरी तरफ वार्म मोड में लाल और पीला रंग ज़्यादा दिखाई देता है जिससे तस्वीरें अधिक नेचुरल महसूर होती हैं। अदिकांश कंपनियों के टीवी में पहले से ही प्रीसेट मोड होता है जिनमें, Filmmaker Mode, Cinema Mode, Movie Mode, Eye Saver Mode, Sports Mode, Vivid Mode और Standard Mode शामिल होते हैं। फिल्मों और वेब सीरीज़ का लुत्फ़ उठाने के लिए Filmmaker Mode सबसे बेहतर विकल्प माने जाते हैं। कुछ लोगों को यह मोड पसंद हैं पर यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है की ये मोड हमेशा वास्तविक रंग नहीं दिखत है।
कलर सत्युराशं यह तय करता है कि रंग कितने गहरे और चमकीले दिखाई देंगे। बहुत ज़्यादा सत्युराशं बढ़ा देना भी अच्छा नहीं होता क्यूंकि इससे रंगो का स्वभाव बदल जाता है। और चेहरों का रंग भी ज़रूरत से ज़्यादा ही लाल दिखने लगता है।
अगर Saturation बहुत कम कर दिया जाए, तो टीवी की तस्वीर फीकी और बेजान नजर आ सकती है। इसलिए बेहतर पिक्चर क्वालिटी के लिए Saturation को संतुलित स्तर पर रखना जरूरी है। आमतौर पर Cinema या Filmmaker Mode के साथ Saturation में हल्का Adjustment करने से ज्यादा नेचुरल और बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
कई टीवी कंपनियां शोरूम में अपने टीवी की तस्वीर को ज्यादा आकर्षक दिखाने के लिए Vivid Mode का इस्तेमाल करती हैं। इस मोड में रंगों को काफी ज्यादा चमकीला और Contrast को जरूरत से अधिक बढ़ा दिया जाता है।
शोरूम की तेज रोशनी में ऐसी तस्वीर देखने में प्रभावशाली लग सकती है, लेकिन घर में सामान्य रोशनी के दौरान यही सेटिंग तस्वीर को जरूरत से ज्यादा Artificial बना सकती है। इसलिए रोजाना टीवी देखने के लिए Cinema, Filmmaker या किसी नेचुरल Picture Mode का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। Dynamic Color, Dynamic Contrast और AI Picture Boost जैसे फीचर्स भी रंगो को ज़रूरत से ज़्यादा ही प्रोसेस क्र देते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में Filmmaker Mode लोगों को काफी पसंद आया है। Filmmaker Mode कम कर देने से टीवी अतिरिक्त प्रोसेसिंग, ओवर-शार्पनिंग, अत्यधिक कंट्रास्ट और अनावश्यक कलर बूस्ट को कम कर देता है। इस सेटिंग की मदद से फिल्में और वेब सीरीज काफी हद तक उसी तरह दिखाई देती हैं, जिस तरह उन्हें मेकर्स ने तैयार किया था। अगर आपके टीवी में Filmmaker Mode का विकल्प मौजूद है, तो बेहतर और नेचुरल कलर एक्युरेसी हासिल करने के लिए यह सबसे आसान तरीकों में से एक है।
अगर आप बिना कोई अतिरिक्त पैसा खर्च किए अपने टीवी की पिक्चर क्वालिटी को बेहतर करना चाहते हैं, तो कुछ आसान सेटिंग्स आपकी काफी मदद कर सकती हैं। सबसे पहले Cinema या Filmmaker Mode को चुनें। इसके बाद Color Temperature को Warm पर रखें और Saturation को बहुत ज्यादा या बहुत कम करने के बजाय संतुलित स्तर पर सेट करें। साथ ही, Dynamic Color जैसे फीचर्स को बंद रखना बेहतर हो सकता है।
टीवी की पिक्चर क्वालिटी पर कमरे की लाइटिंग का भी काफी असर पड़ता है। बहुत ज्यादा रोशनी वाले कमरे में स्क्रीन के रंग अपेक्षाकृत फीके नजर आ सकते हैं। वहीं, अगर कमरे में रोशनी नियंत्रित हो, तो टीवी की तस्वीर ज्यादा साफ, संतुलित और बेहतर दिखाई दे सकती है।
कुल मिलाकर, शानदार पिक्चर क्वालिटी के लिए सिर्फ महंगा टीवी खरीदना ही काफी नहीं है। टीवी की सही Picture Settings चुनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। Color Temperature, Color Saturation और Picture Mode जैसी बेसिक सेटिंग्स में छोटे बदलाव करके आप कलर एक्युरेसी को काफी हद तक बेहतर कर सकते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए जरूरी नहीं कि आप प्रोफेशनल कैलिब्रेशन पर अतिरिक्त पैसे खर्च करें। कुछ मिनट देकर इन सेटिंग्स को सही तरीके से एडजस्ट किया जा सकता है। इसके बाद फिल्मों और वेब सीरीज से लेकर स्पोर्ट्स और गेमिंग तक, टीवी देखने का आपका अनुभव पहले से ज्यादा बेहतर और नेचुरल महसूस हो सकता है।
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