जैसा कि हम सभी जानते हैं आज के इस मॉडर्न दौर में टीवी भी मॉडर्न हो चुके हैं। जितने स्मार्ट और दमदार फीचर्स वाले टीवी आज के समय में मौजूद हैं, उन TVs को खरीदना उतना ही मुश्किल हो गया है। बदलते वक़्त के साथ टीवी भी अपनी पहचान बदल रहे हैं। जहां पहले छोटे और मोटे टीवी हुआ करते थे, वहीं आज पतले और चौड़े टीवी बिकते हैं। टीवी को खरीदना सिर्फ उनके बड़े साइज़ और रेज़ोल्यूशन की वजह से ही मुश्किल नहीं है, इसकी एक वजह बाजार में मौजूद कई तरह की डिस्प्ले टेक्नोलॉजी भी हैं। अगर आप भी नया टीवी खरीद चुके हैं या खरीदने जा रहे हैं तो आपने OLED, QLED और mini LED जैसे नाम तो जरूर सुने होंगे। तीनों ही टेक्नोलॉजी शानदार पिक्चर क्वालिटी तो देती हैं लेकिन इनसे मिलने वाला एक्सपीरियंस अलग अलग है। आइए देखते हैं इनके बीच क्या अंतर है और आपके घर लिए कौन बेहतर है।
OLED का पूरा नाम ऑर्गेनिक लाइट-एमिटिंग डायोड है। इस टीवी में आपको अलग से बैकलाइट की ज़रूरत नहीं पड़ती क्योंकि इस टीवी के स्क्रीन का हर पिक्सल अपनी रौशनी खुद ही पैदा करता है। इस टीवी के इस फीचर का फायदा वेब सीरीज़ या मूवी देखने से मालूम पड़ता है, इसके ज़रिये खासकर अँधेरे कमरे में तस्वीरें ज़्यादा सिनेमाई नज़र आती हैं। ओएलईडी टीवी में रंग भी काफी नेचुरल दिखते हैं और किनारे से देखने पर क्वालिटी में ज़्यादा फर्क नज़र नहीं आता। लेकिन इसमें एक कमी यह है कि बहुत तेज रोशनी वाले कमरे में ये मिनी एलईडी टीवी जितने चमकदार नहीं दिखते हैं। ओएलईडी टीवी की कीमत भी QLED टीवी की तुलना में ज्यादा होती है।
घर पर ही थिएटर के अंदाज़ में वेब सीरीज़ और मूवी देखने के शौक़ीन लोगों के लिए ओएलईडी टीवी एक बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। खासकर रात में जो टीवी देखते हैं उन लोगों के लिए इसकी डीप ब्लैक लेवल और शानदार कॉन्ट्रास्ट उपयोगी है।
हालांकि QLED नाम OLED जैसा ज़रूर लगता है लेकिन दोनों की तकनीको में ज़मीन आसमान का फर्क है। QLED टीवी में LCD पैनल और LED बैकलाइट का उपयोग होता है और इसी के साथ इस टीवी पर क्वांटम डॉट की एक परत होती है। इस टीवी की सबसे बड़ी खासियत इसकी चमकदार और रंगीन तस्वीर है। अच्छी लाइटिंग वाले कमरे में भी इस टीवी की तस्वीरें साफ़ और स्पष्ट होने के साथ रंगीन दिखाई देती हैं। जैसा कि हम पहले भी आपको बता चुके हैं कि क्यूएलईडी टीवी की कीमत ओएलईडी की तुलना में कई मामलों में कम होती है।
अगर आप स्पोर्ट्स देखने के शौक़ीन हैं और आपका कमरा भी ज़्यादा रौशनी वाला है तो क्यूएलईडी टीवी आपके लिए बहुत ही कम पैसों में एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
मिनी एलईडी टीवी को एक पारंपरिक एलईडी टीवी भी माना जाता है। अक्सर समान्य एलईडी टीवी में स्क्रीन के पीछे लिमिटेड लाइट्स होती हैं, जबकि मिनी एलईडी टीवी में बहुत छोटे आकार की हजारों एलईडी लाइट का उपयोग किया जाता है। इन्हीं लाइट्स को हम कई तरीक़ो से कंट्रोल भी कर सकते हैं। जिससे स्क्रीन के अलग अलग हिस्सों को ज़्यादा सहजता से कंट्रोल में रखा जा सकता है। इस फीचर का फायदा आप कॉन्ट्रास्ट और एचडीआर तस्वीर में देख सकते हैं। इस टीवी की चमक ज़्यादा है इसलिए दिन के समय यह टीवी एचडीआर फिल्में देखने के लिए एक शानदार विकल्प बन सकता है।
अगर आप दिन के समय स्पोर्ट्स और एचडीआर फिल्में देखने के शौक़ीन हैं तो मिनी एलईडी टीवी पर विचार किया जा सकता है। यह चमक और कॉन्ट्रास्ट के बीच अच्छा संतुलन देता है।
अगर आपका टीवी किसी ऐसे कमरे में रखा है जहां दिन भर प्राकृतिक रौशनी आती है, तो आप क्यूएलईडी और मिनी एलईडी टीवी पर विचार कर सकते हैं लेकिन वहीं अगर आपके कमरे में कम रौशनी आती है तो आपके लिए ओएलईडी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है क्योंकि इसका डीप ब्लैक लेवल ज्यादा प्रभावशाली दिखाई देता है।
इस मामले में ओएलईडी टीवी बाकी दोनों टीवी को मात दे सकता है क्योंकि इसका हर पिक्सल अलग-अलग नियंत्रित होता है और पूरी तरह बंद हो सकता है, इसलिए स्क्रीन पर काला हिस्सा वास्तव में काला दिखाई देता है। वहीं मिनी एलईडी लोकल डिमिंग के जरिए ब्लैक लेवल को बेहतर बनाता है, क्यूएलईडी में भी ब्लैकआउट की वजह से काला रंग ओएलईडी टीवी जितना गहरा नहीं दिखाई पड़ता।
ओएलईडी टीवी प्रीमियम होते हैं और इनकी कीमत भी ज़्यादा हो सकती है, वहीं क्यूएलईडी में कम से लेकर ज्यादा कीमत तक कई विकल्प उपलब्ध हैं। मिनी एलईडी टीवी भी स्क्रीन साइज़ और फीचर्स के आधार पर महंगे हो सकते हैं। ओएलईडी खरीदते समय बर्न-इन का भी ध्यान रखना चाहिए। अगर स्क्रीन पर एक ही स्थिर तस्वीर या चिन्ह बहुत लंबे समय तक लगातार दिखाई देता रहे, तो वह स्थायी निशान छोड़ सकता है। हालांकि, क्यूएलईडी और मिनी एलईडी में एलसीडी पैनल और बैकलाइट का उपयोग होता है, इसलिए इनमें ओएलईडी जैसी पिक्सल बर्न-इन की समस्या नहीं होती है।
अगर आपकी प्राथमिकता बेहतरीन कॉन्ट्रास्ट में फिल्में देखना है तो ओएलईडी बेहतर विकल्प है। अगर आपको ज़्यादा चमक और शानदार रंग पसंद हैं तो आप क्यूएलईडी पर विचार कर सकते हैं। वहीं अगर आपको ज़्यादा चमक और रंगीन स्क्रीन के साथ बेहतर कॉन्ट्रास्ट और बैकलाइट पर कंट्रोल चाहिए तो मिनी एलईडी एक संतुलित विकल्प हो सकता है। एक ही तकनीक वाले अलग-अलग टीवी की इमेज प्रोसेसिंग, एचडीआर सपोर्ट, पैनल क्वालिटी, साउंड और कीमत में काफी अंतर हो सकता है। इसीलिए आपको एक अच्छा टीवी खरीदने के लिए अपनी जरूरत, कमरे की रोशनी और बजट को ध्यान में रखकर ही टीवी का चयन करना चाहिए।
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