Bank Login करना हो, Online Shopping करनी हो, कोई नया App इस्तेमाल करना हो या WhatsApp पर नंबर जोड़ना हो, हर जगह एक ही रटा-रटाया तरीका है, OTP का इंतजार करो, आया तो दर्ज करो, नहीं आया तो Resend दबाओ, फिर इंतजार करो। यह सिलसिला पिछले 10 से ज्यादा सालों से चलता आ रहा है। हालांकि, अब जब इस तरीके को लंबा समय हो चुका है तो ऐसे में Vodafone इसे Expire बता रहा है, इसी के चलते कंपनी ने Number Verify 2.0 नाम की एक नई तकनीकी लॉन्च की है और इसे देखकर लगता है कि OTP के दिन सच में गिने-चुने बचे हैं। आइए जानते हैं क्या है यह तकनीकी और कैसे काम करती है। इसका फायदा क्या होने वाला है आदि आदि।
OTP को हमेशा से एक सुरक्षित तरीका माना जाता था, लेकिन आज के समय में Cyber Criminals इतने चालाक हो गए हैं कि OTP तक पहुँचना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं रही है। Phishing Links के जरिए, Malware से या फिर SIM Swap करके यानि किसी के नंबर को दूसरी SIM पर Transfer करवाकर, OTP चुराना आज बेहद आम हो गया है। इसके अलावा Internet पर Bots की एक पूरी दुनिया है जो लोगों को बेवजह ढेर सारे OTP भेजती रहती है। इससे कंपनियों का खर्च भी बढ़ता है और फ्रॉड आदि के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं।
यह एक Network-Based Verification Technology है। इसका मतलब यह है कि जब भी आपको किसी App या Website पर अपना नंबर Verify करना हो, तो System आपसे Permission लेकर आपके Phone की SIM और Telecom Network से सीधे यह Confirm कर लेगा कि यह Device और यह नंबर असली हैं।
इस तकनीकी में न कोई SMS आएगा, न कोई Code टाइप करना पड़ेगा, न Resend का इंतजार करना होगा। पूरा Verification Background में चुपचाप हो जाएगा और आप बिना रुकावट आगे बढ़ जाएंगे। यह तकनीक SIM Card के Secure Hardware और Network Level पर काम करती है, इसीलिए इसे हैक करना लगभग लगभग नामुमकिन बताया जा रहा है।
Vodafone ने Number Verify 2.0 को Germany, Netherlands और UK में Launch किया है। फिलहाल यह Android Phones के लिए उपलब्ध है और आने वाले समय में iPhone Users के लिए भी इसे तैयार किया जाएगा।
यह भी जानना जरूरी है कि यह बदलाव सिर्फ Vodafone तक सीमित नहीं है। दुनिया की बड़ी Telecom Companies इसी दिशा में बढ़ रही हैं। अमेरिका की AT&T और Verizon जैसी कंपनियां भी Network-Based Verification System शुरू कर चुकी हैं। इस पूरी Technology को International CAMARA Standard पर बनाया गया है, यानी हर देश के लिए अलग Software बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक Standard, एक System से ही दुनिया भर में काम किया जा सकेगा।
अभी तक भारत में इस Technology के लॉन्च की कोई आधिकारिक तारीख नहीं आई है। लेकिन Vi यानि Vodafone Idea ने पहले ही Silent Mobile Verification यानि SMV की दिशा में काम शुरू कर दिया है, जो इसी कॉन्सेप्ट पर आधारित है। तो यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत में भी OTP का यह विकल्प जल्द ही दस्तक दे सकता है।
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