दिल्ली में बढ़ गई SIR की तारीख, अब कब तक भर सकते हैं फॉर्म, कब आएगी फाइनल वोटर लिस्ट? जानिए सबकुछ

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भारत निर्वाचन आयोग (इलेक्शन कमीशन) ने दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा में 12 दिनों का विस्तार कर दिया है। इस बदलाव के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) अब 5 अगस्त की जगह 17 अगस्त को जारी की जाएगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने 14 जुलाई को अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था। इसी अनुरोध पर विचार करते हुए आयोग ने पूरे कार्यक्रम की समयसीमा आगे बढ़ाने का फैसला किया।

अब इस तारीख तक चलेगा घर-घर वेरिफिकेशन

नए शेड्यूल के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का वेरिफिकेशन अब 8 अगस्त तक किया जाएगा। पहले इसके लिए 29 जुलाई अंतिम तारीख तय की गई थी। यानी इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अधिकारियों को 10 दिन का अतिरिक्त समय मिला है।

दिल्ली में यह डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन कैम्पेन 30 जून से शुरू हुआ था।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की नई तारीखें

संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 17 अगस्त को पब्लिश किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार से जुड़े दावे और आपत्तियां 17 अगस्त से 16 सितंबर तक स्वीकार किए जाएंगे।

अंतिम वोटर लिस्ट कब होगी जारी?

समयसीमा बढ़ने के कारण अंतिम मतदाता सूची (फाइनल इलेक्टोरल रोल) की पब्लिशिंग डेट भी आगे बढ़ा दी गई है। अब इसे 19 अक्टूबर को जारी किया जाएगा, जबकि पहले यह 7 अक्टूबर को पब्लिश होने वाली थी। इस तरह दिल्ली में SIR की बाकी सभी प्रक्रियाएं कुल 12 दिन आगे खिसक गई हैं।

दिल्ली, निर्वाचन आयोग के देशभर में चल रहे SIR के तीसरे चरण का हिस्सा है। इस अभियान की शुरुआत आयोग ने 14 मई को की थी। तीसरा चरण पूरा होने के बाद यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में पूरी हो जाएगी।

आंध्र प्रदेश और हरियाणा में भी बढ़ीं तारीखें

इस सप्ताह की शुरुआत में निर्वाचन आयोग ने आंध्र प्रदेश और हरियाणा के लिए भी इसी तरह की समयसीमा बढ़ाने की घोषणा की थी। दोनों राज्य भी SIR के तीसरे चरण में शामिल हैं। इन राज्यों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर वेरिफिकेशन की आखिरी तारीख 14 जुलाई से बढ़ाकर 24 जुलाई कर दी गई थी। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश और हरियाणा में ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल जारी करने की तारीख भी 21 जुलाई से बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई।

क्यों बदली जा रही हैं तारीखें?

निर्वाचन आयोग का यह विशेष अभियान मतदाता सूची को अपडेट करने और फील्ड लेवल पर व्यापक सत्यापन के लिए चलाया जा रहा है। हाल के हफ्तों में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारणों से कई राज्यों में इसकी समयसीमा में बदलाव किया गया है। आयोग का कहना है कि संशोधित कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची का सत्यापन और अपडेट का काम पूरी तरह और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके।

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Faiza

फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं।

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