Airtel, Jio या Vi? सिम खरीदने से पहले 5 मिनट के इस टेस्ट से दूर हो जाएगी नेटवर्क की टेंशन, यहाँ मिलेगी सम्पूर्ण जानकारी

Updated on 18-Feb-2026

अक्सर हम नया मोबाइल नंबर लेते समय सिर्फ यही देखते हैं कि किस कंपनी का रिचार्ज सस्ता है या किसका इंटरनेट तेज चलता है। लेकिन असली चेहरा उस समय सामने आता है जब सिम लगाकर इस्तेमाल शुरू किया जाता है, इस समय पता चलता है कि घर में कॉल सही से लग रही है कि नहीं, नेटवर्क आ रही है कि नहीं और नेट चल रहा है कि नहीं। खासकर गांव और छोटे शहरों में ये समस्या बड़े पैमाने पर देखने को मिलती है, इन इलाकों में कहीं किसी जगह नेट चल रहा होता है और किसी जगह नहीं। अब जब हर जगह नेटवर्क एक जैसा नहीं होगा तो जाहिर है कि इस तरह की समस्या आने ही वाली है। इस समस्या को कैसे दूर किया जा सकता है। आइए समझते हैं कि इस समस्या को यानि नेटवर्क न आने की इस प्रॉब्लम को दूर करने के लिए सिम खरीदने से पहले ही क्या किया जा सकता है।

सिम खरीदने से पहले अपने इलाके में सभी कंपनियों के नेटवर्क चेक करें

असल में, अगर आप इस समस्या से बचना चाहते हैं तो आपको कोई भी सिम खरीदने से पहले ही यह समझ लेना चाहिए या इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि आपके इलाके में किस टेलिकॉम कंपनी का नेटवर्क सही प्रकार से आता है। आप से अपने आप से ही जांच सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर नेटवर्क की जांच आप खुद से कैसे कर सकते हैं? तो आपको जानकारी के लिए बता देते हैं कि आप ऐसा कर सकते हैं और यह बेहद आसान भी है। इसके लिए आपको किसी दुकान वाले, एजेंट या कंपनी के दावे पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। आपके फोन में ही एक ऐसी सेटिंग होती है, जो बता देती है कि आसपास कौन-कौन से नेटवर्क उपलब्ध हैं और उनका सिग्नल कैसा है।

आपके इलाके में कौन सी कंपनी के नेटवर्क सबसे ज्यादा आते हैं?

भारत में फिलहाल Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea के बीच कडा मुकाबला है, हालांकि देश के कुछ हिस्सों में BSNL भी लिस्ट में है। अब आपको किस कंपनी के नेटवर्क से समस्या नहीं होने वाली है, यह तो आपको जांच के बाद ही पता चलने वाला है। इसके बाद आप उस कंपनी के सिम को खरीद सकते हैं। आइए जानते है कि ये सेटिंग है क्या और आपको मोबाइल फोन में किस जगह पर मिलने वाली है।

कहाँ मिलेगी नेटवर्क वाली ये सेटिंग?

सबसे पहले अपने फोन की सेटिंग में जाएं। वहां About Phone या About Device का ऑप्शन आपको मिलने वाला है, यह अलग अलग फोन में अलग अलग नाम से हो सकता है। इस सेटिंग के अंदर आपको Status या SIM Status वाला ऑप्शन मिलने वाला है, इसपर टैप करें। अगर ये सेटिंग आपको इसी नाम से नहीं मिलती है तो कुछ फोन्स में इसे Mobile Network या SIM Info के नाम से भी देखा जा सकता है। यहां आपको नेटवर्क ऑपरेटर और सिग्नल स्ट्रेंथ की सम्पूर्ण जानकारी मिल जाने वाली है।

इस सेटिंग में जाने के बाद क्या करें?

अब जब आप इस सेटिंग में पहुँच चुके हैं और अगर आप Operator पर जाकर ऑटोमैटिक नेटवर्क सिलेक्शन बंद कर देते हैं, तो फोन आसपास मौजूद सभी नेटवर्क को स्कैन करेगा। कुछ देर बाद स्क्रीन पर 2G, 3G, 4G या 5G नेटवर्क की लिस्ट दिखाई देगी। इससे आपको अंदाजा लग जाएगा कि आपके एरिया में कौन-कौन सी कंपनी का सिग्नल ज्यादा पहुंच रहा है।

कैसे पता चलेगा नेटवर्क वीक है या नहीं?

अब बात आती है सिग्नल स्ट्रेंथ की, इसे कैसे जांचा जाए या कैसे समझा जाए कि आपके इलाके में सही सिग्नल आ रहे हैं। इसके लिए आपको याद रखना है कि सिग्नल को हमेशा से ही dBm में मापा जाता है। अगर सिग्नल -50 से -80 dBm के बीच है, तो इसे काफी मजबूत माना जाता है। -90 से -100 के बीच औसत और -100 से नीचे जाने पर नेटवर्क कमजोर समझा जाता है। इस जानकारी से आपको यह पता चल जाने वाला है कि आपके इलाके में किस कंपनी का नेटवर्क कैसा है।

TRAI के इस टूल से भी सिंगल चेक किए जा सकते हैं!

सिर्फ फोन की सेटिंग ही नहीं, आप Telecom Regulatory Authority of India द्वारा उपलब्ध MySpeed टूल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पिछले महीनों के औसत डेटा स्पीड की जानकारी देता है और बताता है कि आपके इलाके में किस कंपनी की डाउनलोड स्पीड सबसे बेहतर रही है। इसे देखकर भी आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि सिंगल कैसा है, हालांकि इससे केवल सिग्नल ही नहीं परफॉरमेंस का भी पता चलता है।

नया सिम लेने से पहले पांच मिनट का यह छोटा सा टेस्ट आपको बाद में होने वाली परेशानी से बचा सकता है। खासकर उन इलाकों में जहां नेटवर्क बार-बार गायब हो जाता है, वहां यह तरीका बेहद काम का है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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