अगर टूट गई iPhone की स्क्रीन तो कितना आता है खर्च? जानकर उड़ जाएंगे होश, मोटी रकम देने से बचने का जान लें उपाय

Updated on 15-Jan-2026

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपका प्यारा सा iPhone हाथ से फिसला और जमीन पर गिरते ही आपके दिल की धड़कन रुक गई? वह क्रैक करने की आवाज किसी बुरे सपने से कम नहीं होती. सच तो यह है कि iPhone चाहे कितना भी प्रीमियम क्यों न हो, नाजुक तो होता ही है.

एक क्रैक्ड या स्मैश्ड डिस्प्ले न सिर्फ आपको परेशान करता है, बल्कि यह आपके फोन की रीसेल वैल्यू की भी धज्जियां उड़ा देता है. Apple के सर्विस सेंटर्स पर जाने की यह सबसे बड़ी वजह है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्क्रीन रिप्लेसमेंट की कॉस्ट आपकी जेब पर कितना भारी पड़ सकती है? अगर आप बिना तैयारी के गए, तो बिल देखकर झटका लग सकता है.

AppleCare+ के बिना कितना है खर्चा?

अगर आपके पास AppleCare+ नहीं है, तो स्क्रीन रिपेयर की कॉस्ट काफी ज्यादा हो सकती है. यह पूरी तरह से इस पर डिपेंड करता है कि आप कौन सा मॉडल यूज कर रहे हैं. Apple के ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर्स पर ओरिजिनल OLED डिस्प्ले के साथ जेन्युइन रिपेयर मिलता है, जिससे आपकी वारंटी और ‘ट्रू टोन’ (True Tone) फीचर बरकरार रहते हैं.

यहां इंडिया में मॉडल्स के हिसाब से एस्टिमेटेड कॉस्ट दी गई है:

  • Apple iPhone 15 / 15 Plus: 28,000 रुपये से 33,000 रुपये
  • Apple iPhone 15 Pro / Pro Max: 33,000 रुपये से 38,000 रुपये
  • Apple iPhone 14 / 14 Plus: 26,000 रुपये से 30,000 रुपये
  • Apple iPhone 14 Pro / Pro Max: 31,000 रुपये से 35,000 रुपये
  • Apple iPhone 13 series: 22,000 रुपये से 29,000 रुपये
  • Apple iPhone 12 series: 20,000 रुपये से 26,000 रुपये
  • Apple iPhone SE (3rd gen): 12,000 रुपये से 15,000 रुपये

अगर AppleCare+ है तो कितनी होगी सेविंग?

अगर आपने स्मार्ट डिसीजन लिया था और आपके पास AppleCare+ है, तो आप लकी हैं. एक मोटी रकम चुकाने के बजाय, आपको पर इंसिडेंट सिर्फ 2,500 रुपये से 3,000 रुपये के आसपास खर्च करने होंगे. AppleCare+ आपको हर साल दो एक्सीडेंटल डैमेज रिपेयर्स देता है, वो भी जेन्युइन पार्ट्स और ऑथोराइज्ड टेक्नीशियंस के साथ. अगर आप महंगे Pro मॉडल यूज कर रहे हैं, तो यह प्लान आपके लिए किसी लाइफसेवर से कम नहीं है.

लोकल रिपेयर शॉप्स vs ऑथोराइज्ड सेंटर

पैसे बचाने के चक्कर में लोकल रिपेयर शॉप्स पर जाना भारी पड़ सकता है. Apple इस मामले में बहुत क्लियर है, अगर आप अपनी वारंटी, Face ID, डिस्प्ले क्वालिटी, ब्राइटनेस और ‘ट्रू टोन’ जैसे फीचर्स को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो रिस्क न लें. लोकल शॉप्स भले ही आपको कुछ कैश बचाकर दे दें, लेकिन वे लॉन्ग रन में आपके फोन की परफॉर्मेंस खराब कर सकते हैं और प्राइवेसी से भी समझौता कर सकते हैं. इसलिए हमेशा Apple ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर्स या Apple Store ऑनलाइन के जरिए ही सपोर्ट बुक करें.

रिपेयर कराएं या अपग्रेड करें?

यह एक बड़ा सवाल है. अगर आपके पास पुराना iPhone है, तो कभी-कभी रिपेयर कॉस्ट उतनी ही होती है जितनी में आप अपना हैंडसेट बेच सकते हैं. ऐसे केस में, Amazon Great Indian Festival या Flipkart Big Billion Days जैसी बड़ी सेल्स के दौरान ट्रेड-अप करना या नया फोन लेना बेहतर ऑप्शन हो सकता है. लेकिन अगर आप एक नए iPhone यूजर हैं, तो ऑफिशियल रिपेयर कराना ही समझदारी है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं.

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