कैसा होता है डिजिटल अरेस्ट? व्यक्ति ने लाइव रिकॉर्ड कर ली एक-एक करतूत, नकली पुलिस बन कर रहे थे फ्रॉड

Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशभर में बड़ा स्कैम किया जा रहा है. साइबर क्रिमिनल्स लोगों को साइबर अरेस्ट या डिजिटल अरेस्ट करके उनसे खूब पैसे ऐंठ लेते हैं. डिजिटल अरेस्ट कैसे होता है, इसको लेकर एक X (पहले ट्विटर) यूजर ने वीडियो बनाया है. उसने साइबर ठगों की एक-एक हरकत को कैमरे में कैद कर लिया.

विजय पटेल नाम के एक ट्विटर यूजर ने इसको ट्वीट किया है. उसने लिखा है पहली बार डिजिटल अरेस्ट स्कैम की लाइव रिकॉर्डिंग की गई है. इसको लोगों के साथ शेयर करके उन्हें डिजिटल अरेस्ट में फंसने से बचाएं. साइबर ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट में फंसाने के लिए क्या-क्या बात की, उन्होंने इसको लेकर वीडियो और टेक्स्ट शेयर किया है.

नंबर ब्लॉक करने की धमकी

विजय पटेल ने ट्वीट थ्रेड में बताया है कि उन्हें पहले एक अनजान नंबर से कॉल आता है. कॉल करने वाला उन्हें कहता है उनके नंबर को अगले 4 घंटे में ब्लॉक कर गिया जाएगा क्योंकि उनके नंबर का इस्तेमाल फाइनेंशियल फ्रॉड और हरासमेंट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके बाद उन्हें 12 घंटे के अंदर लखनऊ पुलिस स्टेशन जाने के लिए कहा जाता है.

उनके पास पुलिस स्टेशन ना जाकर वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर भी स्टेटमेंट को रजिस्टर करने का ऑप्शन दिया जाता है. उन्होंने दूसरे ऑप्शन को सेलेक्ट किया. उन्होंने जब वीडियो कॉल उठाया तो सामने एक पुलिस स्टेशन जैसा सेटअप था और उनके सामने नकली पुलिस यूनिफॉर्म में एक स्कैमर था.

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उनके आसपास कोई मौजूद ना हो इसकी पुष्टी के लिए उन्होंने बैक कैमरा से पूरे रूम को दिखाने के लिए कहा. इसके बाद उनके आधार और उसके मिसयूज को लेकर बात कही गई. इसके बाद स्कैमर ने उन्हें उनके आधार नंबर के आधार पर सुप्रीम कोर्ट और ट्राई का फर्जी डॉक्यूमेंट भेजा. इसके बाद पुलिस का टोन बदल गया.

इसके बाद उन्हें किसी मनी लॉन्ड्री केस से जोड़ने की कोशिश की गई. इसके बाद स्कैमर ने बैंक में जमा पैसे और यूपीआई के इस्तेमाल की जानकारी ली. फिर उसने सभी पैसे स्कैमर के अकाउंट में भेजने के लिए कहा. स्कैमर की ओर से कहा गया अगर वह बेकसूर साबित होते हैं तो सारे पैसे लौटा दिए जाएंगे और सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. यूजर को पहले से इस स्कैम के बारे में पता था, इस वजह वह उनकी बातों में नहीं आया.

ऐसे रहें सेफ

अगर आपको भी इस तरह का कोई कॉल आता है तो उसे सबसे पहले ब्लॉक कर दें.आप इसकी शिकायत साइबर क्राइम में वेबसाइट या कॉल के जरिए दर्ज करवा सकते हैं. आपको बता दें कि पुलिस कभी भी वॉट्सऐप कॉल पर लोगों का स्टेटमेंट नहीं लेती है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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