गर्मी के मौसम में सीलिंग फैन भारतीय घरों की सबसे बड़ी जरूरत बन जाता है. कई घरों में आज भी पंखा ही गर्मी से राहत पाने का सबसे आसान और सस्ता तरीका है. हालांकि कई बार ऐसा होता है कि पंखा फुल स्पीड पर चलाने के बावजूद हवा कम देने लगता है. ऐसे में लोगों को लगता है कि पंखा खराब हो गया है और अब नया खरीदना पड़ेगा.
लेकिन हर बार नया पंखा खरीदना जरूरी नहीं होता. कई बार कुछ छोटी समस्याओं की वजह से पंखे की स्पीड कम हो जाती है, जिन्हें बेहद कम खर्च में ठीक किया जा सकता है.
यदि पंखा चल तो रहा है लेकिन पहले जैसी स्पीड नहीं मिल रही है, तो इसकी सबसे बड़ी वजह कमजोर कैपेसिटर हो सकता है. कैपेसिटर पंखे को स्टार्ट करने और उसकी स्पीड बनाए रखने का काम करता है. समय के साथ इसकी क्षमता कम होने लगती है, जिससे पंखा धीरे घूमने लगता है.
अच्छी बात यह है कि नया कैपेसिटर काफी सस्ता आता है और इसे बदलने में ज्यादा खर्च नहीं होता. ज्यादातर पंखों में 2.5 µF कैपेसिटर का इस्तेमाल किया जाता है, जो आसानी से इलेक्ट्रिक दुकानों पर मिल जाता है. इसकी कीमत आमतौर पर 50 से 70 रुपये के बीच होती है.
कई बार समस्या पंखे में नहीं बल्कि रेगुलेटर में होती है. खासकर इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर खराब होने पर पंखे तक सही वोल्टेज नहीं पहुंच पाता, जिससे उसकी स्पीड कम हो जाती है. अगर पंखा अपेक्षाकृत नया है और फिर भी धीरे चल रहा है, तो रेगुलेटर की जांच जरूर करानी चाहिए.
धूल और गंदगी भी पंखे की स्पीड कम करने का बड़ा कारण बन सकती है. समय के साथ ब्लेड पर धूल की मोटी परत जम जाती है, जिससे उनका वजन बढ़ जाता है. इससे मोटर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और हवा का प्रवाह भी कम हो जाता है. गर्मी के मौसम में महीने में कम से कम एक बार पंखे की अच्छी तरह सफाई जरूर करनी चाहिए.
कई बार सफाई या किसी अन्य कारण से पंखे के ब्लेड हल्के टेढ़े हो जाते हैं. ब्लेड का संतुलन बिगड़ने पर पंखा ठीक से हवा नहीं दे पाता और मोटर पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है. यदि आपको लगता है कि हवा पहले जैसी नहीं आ रही, तो एक बार दूर से देखकर जांचें कि सभी ब्लेड एक समान स्थिति में हैं या नहीं.
यदि पंखे से आवाज आ रही है या चलते समय कंपन महसूस हो रहा है, तो इसके बेयरिंग सूख चुके हो सकते हैं. बेयरिंग में चिकनाई कम होने पर मोटर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और स्पीड घट जाती है. ऐसी स्थिति में कुछ बूंदें लुब्रिकेंट डालने से समस्या दूर हो सकती है. अगर बेयरिंग ज्यादा खराब हो चुके हैं तो उन्हें बदलवाना बेहतर रहेगा.
धीमा चलने वाला हर पंखा खराब नहीं होता. कई बार कैपेसिटर बदलने, रेगुलेटर ठीक कराने, ब्लेड साफ करने या बेयरिंग में ऑयल डालने भर से पंखा फिर से पहले जैसी स्पीड देने लगता है. नया पंखा खरीदने से पहले इन आसान उपायों को जरूर आजमाएं. इससे आपका पैसा भी बचेगा और गर्मी में राहत भी मिलेगी.
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