क्या ई-रिक्शा के जैसे ATM मशीन को भी किया जा सकता है कंट्रोल? इस वीडियो से मची सनसनी, देखें क्या है सच

HIGHLIGHTS

अभी हाल ही में हमने देखा था कि एक चीनी एप की मदद से ई-रिक्शा को कंट्रोल किया जा सकता है।

ऐसी ही एक खबर अब ATM महीने के लिए भी आ रही है।

आइए जानते हैं कि इंटरनेट पर जो वीडियो इसे लेकर ट्रेंड कर रहे है, उसकी सच्चाई क्या है।

इन दिनों अलग अलग गैजेट को कंट्रोल करने की खबर इंटरनेट पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं, अभी हाल ही में हमने देखा था कि एक चीनी एप के जरिए कैसे ई-रिक्शा आदि को कंट्रोल किया जा रहा था। हालांकि, बाद में सरकार ने इस एप को हटाने के निर्देश दिए थे। इसी से जुड़ी एक अन्य खबर अब इंटरनेट पर ट्रेंड कर रही है। असल में, सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो अचानक ही वायरल होना शुरू हो गया है, जो एक मोबाइल एप के जरिए ATM मशीन को कंट्रोल करते नजर आ रहा है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मोबाइल एप के जरिए ATM मशीन को चालू और बंद किया जा रहा है। अगर यह वीडियो सच है तो वाकई ATM मशीन की सिक्युरिटी पर बड़े सवाल खड़े हो जाते हैं। हालांकि, अभी के लिए आधिकारिक तौर पर यह सामने नहीं आया है कि यह वीडियो सच है या किसी ने ऐसे ही मज़ाक किया है। आइए जानते हैं कि आखिर इस वीडियो का सच क्या है?

क्या दिखा रहा ये वायरल वीडियो?

सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड बन रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति की ओर से कैसे मात्र एक एप की मदद से एक ही क्लिक में ATM मशीन को चालू और बंद किया जा रहा है। इस वीडियो पर बहुत से कमेन्ट आ रहे हैं। आइए जानते है कि आखिर लोग इसे लेकर किस तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

इस वीडियो को लेकर क्या है लोगों की प्रतिक्रिया?

कई यूजर्स ने पूछा कि क्या सच में ATM मशीन को इस तरह हैक किया जा सकता है। इसके अलावा एक अन्य यूजर ने मज़ाक में लिखा है कि अब जेल जाने के लिए तैयार रहो। एक और यूजर ने Comment किया कि e-rickshaw तक तो ठीक था लेकिन अब ATM भी इस तरह कंट्रोल हो रहे हैं तो यह चिंता की बात है। इसे ATM सुरक्षा पर एक बड़ी सेंध के तौर पर देखा जाना चाहिए।

क्या है वीडियो की सच्चाई?

कुछ जानकार यूजर्स इसे लेकर कुछ सही कारण भी बता रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि असल में जो दिखाया जा रहा है वो ATM मशीन को हैक करना आदि नहीं है। यह सिर्फ ATM की बैटरी के ब्रेन यानि BMS (Battery Management System) को कंट्रोल करने का एक तरीका मात्र है। इसके लिए भी BAT BMS नाम के ऐप को इस्तेमाल किया जा रहा है, जो e-rickshaw के बंद होने को लेकर भी चर्चा में आया था। हालांकि अब सवाल उठता है कि जब सरकार की ओर से इस एप को गूगल प्ले स्टोर और एप स्टोर से हटाने के निर्देश दे दिए हैं तो इस एप को अभी तक कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है।


ऐसा हो सकता है कि अभी तक यह कुछ यूजर्स के फोन में मौजूद है, और इसका इस्तेमाल किया जा रहा है, ऐसे में इस एप को बैन ही किया जाना चाहिए, क्योंकि अगर मज़ाक में ही सही कोई ATM को बंद कर देता है तो कितने लोगों को परेशानी हो सकती है। हमने Google Play Store और App Store को चेक किया है, दोनों पर ही BAT BMS एप अब डाउनलोड और इंस्टॉल के लिए उपलब्ध नहीं है। यहाँ ऐसा हो सकता है कि इस एप को और इसके जैसे अन्य ऐप्स को तुरंत प्रभाव से बैन किया जाना चाहिए। अभी तक के लिए इस वीडियो को लेकर किसी भी बैंक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

क्या व्यूज आदि के लिए प्लान किया गया ये वीडियो?

हालांकि, अभी तक के लिए आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कोई जानकारी कहीं से सामने नहीं आ रही है, लेकिन कुछ जानकारों की मानें तो ऐसा हो सकता है कि इस वीडियो को व्यूज के लिए पहले से ही प्लान किया गया हो, क्योंकि इस तरह के वीडियो भ्रम फैलाते हैं तो इन्हें ज्यादा से ज्यादा यूजर्स देखते हैं भी हैं। इस वीडियो का मकसद जो भी लेकिन किसी ATM मशीन के साथ इस तरह की छेड़छाड़ को लेकर सरकार को नियम और ज्यादा सख्त करने चाहिए। इसके अलावा इसके लिए जिम्मेदार ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर और एप स्टोर से हटाने से काम नहीं चलने वाला है। इस तरह के ऐप्स को पूरी तरह से बंद किया जा चाहिए।

सतर्क रहना क्यों जरूरी?

हालांकि, यह एप अब प्ले स्टोर और एप स्टोर पर डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके बाद भी आपको इस तरह के ऐप्स को अपने फोन में डाउनलोड और इंस्टॉल करने से बचना चाहिए। यह ऐप्स आपकी जानकारी के बिना ही आपके निजी डेटा को निरंतर चुराते रहते हैं और सर्वर पर भेजते रहते हैं। ऐसे में आपका डेटा लीक हो सकता है और आपके अकाउंट डेटा को भी गलत तरीके से इस्तेमाल में लिया जा सकता है और आपको बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। ऐसे में आपको ज्यादा सतर्क रहना जरूरी है।

यह भी पढ़ें: 15% महंगे हो सकते हैं Airtel, Jio और Vi के रिचार्ज प्लांस.. कितने में मिलेगा 28 दिन की वैलिडीटी का सस्ता प्लान?

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

Connect On :