आप जब भी किसी दुर्गा पूजा के पंडाल में गए होंगे, आपने ज़रूर वहां विभिन्न प्रकार की लाइटिंग्स को देखा होगा जो पूरे पंडाल को जगमगा देती हैं। लाइट्स और भीड़ के वजह से पंडाल में फोटोज़ खिचवाने पर अक्सर हमारे फोटोज़ बहुत ब्लर और डार्क दिखाई पड़ते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें की कुछ AI इमेज एडिटर टूल्स जैसे, Google Gemini, ChatGPT के साथ आपके स्मार्टफोन के कुछ बिल्ट-इन कैमरा टूल्स के ज़रिये आप इनमें से कई समस्याओं को सिम्पल टेक्स्ट कमांड के ज़रिए ठीक कर सकते हैं। ये सभी टूल्स एंड्राइड और iOS दोनों पर ही उपलब्ध हैं।
बस आपको एक फोटो अपलोड करना है, उसके बाद उस फोटो के लिए कोई प्रांप्ट लिखना है, और कुछ सेकेंड्स का इंतज़ार करना है। इसके बाद आपको अपने फोटो का एडिट किया हुआ वर्ज़न मिल जाएगा। हालांकि रिज़ल्ट की क्वालिटी काफ़ी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि आपने कमांड कैसे लिखा है। आज हम आपके लिए 7 ऐसे कमांड लेकर आए हैं जो त्योहारों की फ़ोटो के लिए बहुत अच्छे हैं, और साथ ही तीन ऐसे कमांड भी हैं जिनका इस्तेमाल करने से आपको बचना चाहिए।
यह कमांड कम रोशनी में ली गई तस्वीरों के लिए मददगार है, क्योंकि कम रौशनी में अक्सर चेहरे और मूर्तियों की बारीकियां ठीक से दिखाई नहीं देतीं।
पंडालों में सफेद, पीले और रंग-बिरंगे LED लगे होते हैं, जिनकी वजह से चेहरों पर हरा या बैंगनी रंग (टिंट) आ सकता है। ये कमांड उस टिंट को ख़त्म करने में मददगार है।
इस प्रांप्ट के ज़रिये आप फोटो में आने वाली अनचाही भीड़ को हटाकर, एक नेचुरल पंडाल बैकग्राउंड दे सकते हैं।
इस कमांड में खास रंगों और कपड़े का जिक्र करने से तस्वीर बनावटी नहीं लगती।
आस्पेक्ट रेशियो बताने से फोटो अजीब तरह से कटने से बच जाती है। स्टोरीज़ और रील्स के लिए हमेशा 9:16 रेशियो का इस्तेमाल करें।
‘हल्का’ (subtle) शब्द का इस्तेमाल करने से बहुत भारी फिल्टर लगाने से बचा जा सकता है, जो फोटो को साफ तौर पर एडिटेड दिखा सकते हैं।
“फीचर्स को न बदलने” (keeping features unchanged) का प्रांप्ट देने से AI चेहरों को बदल देने का जोखिम कम कर देता है।
“make me look like a different person” जैसी कमांड से चेहरे बिगड़ सकते हैं। खासकर तब जब फोटो में दूसरे लोग भी मौजूद हों। बिना अनुमति के किसी के रूप-रंग में बदलाव करना और उसे ऑनलाइन शेयर करना, उसके गलत इस्तेमाल का कारण भी बन सकता है।
कुछ ऐसे प्रॉम्प्ट्स जिनके वजह से भगवान् की मूर्ती में नए डिटेल्स आ सकते हैं, उन प्रॉम्प्ट्स को उचित नहीं माना जाता। क्योंकि इन प्रॉम्प्ट्स के कारण लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच सकती है। AI टूल धार्मिक जानकारी से जुड़ी ऐसी गलत चीज़ें भी बना सकते हैं, जो पंडाल को गलत तरीके से पेश कर सकती हैं।
“place me in front of a famous Kolkata pandal I did not visit” या “add a huge crowd behind me” जैसे कमांड्स इमेज को मिसलीडिंग बना सकते हैं। उलटी-सीधी लाइटिंग के चलते ऐसे फेक विज़ुअल्स को सोशल मीडिया पर बहुत आसानी से पहचाना जा सकता है।
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