60 की दशक पर बनी फिल्म, OTT पर मचा रही धूम, लकी भास्कर और Scam 1992 जैसी आएगी फीलिंग

HIGHLIGHTS

Matka King में अंडरवर्ल्ड की कहानी

Vijay Varma का दमदार रोल

सीरीज को मिला अच्छा रिस्पॉन्स

रियल घटनाओं से प्रेरित फिल्में और सीरीज इन दिनों दर्शकों को खूब पसंद आ रही हैं. इसी कड़ी में हाल ही में एक नई सीरीज रिलीज हुई है, जो 1960 और 1970 के दौर की सच्चाई को पर्दे पर दिखाती है. इस सीरीज में 80-90 के दशक के मशहूर विलेन Gulshan Grover भी अहम भूमिका में नजर आते हैं.

अंडरवर्ल्ड और सट्टे की दुनिया पर आधारित कहानी

इस सीरीज का नाम Matka King है, जो एक बुकी रतन खत्री की जिंदगी से प्रेरित मानी जाती है. कहानी में हिंसा या ज्यादा अश्लीलता नहीं है, बल्कि हल्की गालियां और कुछ इमोशनल सीन के साथ एक मजबूत कहानी दिखाई गई है. यह सीरीज 60-70 के दशक के मुंबई की उस दुनिया को दिखाती है, जहां Matka सट्टा तेजी से फैल रहा था और आम लोगों से लेकर बड़े कारोबारी तक इसमें पैसा लगा रहे थे.

एक आम इंसान से ‘किंग’ बनने तक का सफर

सीरीज की कहानी बृज भट्टी नाम के एक साधारण इंसान के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शुरुआत में छोटे-मोटे काम करके जीवन चलाता है.

लेकिन धीरे-धीरे वह सट्टे की दुनिया में कदम रखता है और अपनी समझदारी और जोखिम लेने की आदत से इस खेल में अपनी पहचान बना लेता है. यह किरदार Vijay Varma ने निभाया है, जो अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं. बृज का किरदार पूरी तरह अच्छा या बुरा नहीं है, बल्कि परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेने वाला इंसान है, जो कहानी को और दिलचस्प बनाता है.

पैसे के साथ राजनीति और अपराध का खेल

जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह साफ होता है कि Matka सिर्फ पैसे का खेल नहीं है, बल्कि इसमें राजनीति, पुलिस और अंडरवर्ल्ड भी शामिल हैं.

बृज एक ऐसे जाल में फंस जाता है जहां एक तरफ उसे बड़ा बनने का सपना है और दूसरी तरफ उसे अपने रिश्तों और जिंदगी की कीमत चुकानी पड़ती है. सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे मुंबई धीरे-धीरे क्राइम और सट्टेबाजी का केंद्र बनती गई. गलियों में चलने वाले सट्टे के अड्डे, पुलिस रेड और रात में होने वाली डील्स को काफी वास्तविक तरीके से दिखाया गया है.

भावनात्मक कहानी और दमदार प्रेजेंटेशन

इस सीरीज में सिर्फ क्राइम ही नहीं, बल्कि इमोशन भी बराबर दिखाया गया है. बृज का अपने परिवार के साथ रिश्ता, उसकी लव स्टोरी और अंदरूनी संघर्ष दर्शकों को जोड़कर रखते हैं. डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी के मामले में भी यह सीरीज मजबूत है. पुराने मुंबई का माहौल, डार्क टोन और बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी को और प्रभावशाली बनाते हैं.

इस सीरीज को IMDb पर 7.4 की रेटिंग मिली है. आठ एपिसोड की इस कहानी के क्लाइमेक्स में बृज को गोली लगती है, लेकिन वह बच जाता है. वहीं विलेन भी जिंदा रहता है, जिससे साफ है कि आगे सीक्वल आने की पूरी संभावना है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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