टेलीग्राम पर भारत में लगाई गई अस्थायी रोक को लेकर कंपनी के फाउंडर Pavel Durov ने भारतीय सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का खामियाजा देश के 150 मिलियन से ज्यादा सामान्य यूज़र्स को भुगतना पड़ा, जबकि इससे कथित तौर पर लीक कंटेंट फैलने पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग सकी। Durov ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बैन से कुछ भी नहीं रुका और लीक से जुड़ी गतिविधियां बस दूसरे ऐप्स पर आ गई हैं। उनके अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से गलत काम करने वाले लोगों की बजाय आम यूज़र्स ज्यादा प्रभावित हुए।
यह पूरा विवाद NEET परीक्षा पेपर लीक मामले से जुड़ा है, जिसने इस साल देशभर में बहुत बड़ी चर्चा और नाराजगी को जन्म दिया। आरोप लगाए गए थे कि टेलीग्राम के कुछ चैनल्स का इस्तेमाल कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नपत्र, फर्जी एग्जाम कंटेंट और भटकाने वाली जानकारी फैलाने के लिए किया जा रहा था। इसी के बाद NEET री-एग्जाम से पहले भारतीय अधिकारियों ने टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET री-एग्जाम की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से इस कदम की सिफारिश की थी। NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कथित तौर पर इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि टेलीग्राम धोखाधड़ी करने वाले लोगों का प्रमुख माध्यम बन गया था, जहां छात्रों को फर्जी प्रश्नपत्र बेचने और बदले हुए टाइमस्टैम्प वाले भ्रामक संदेशों के जरिए गुमराह करने की कोशिश की जा रही थी।
अधिकारियों का यह भी दावा था कि प्लेटफॉर्म पर कुछ मैसेजेस में फेरबदल कर ऐसा दिखाया जा रहा था मानो परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया हो।
इस बैन का असर केवल यूज़र्स तक सीमित नहीं रहा। सरकारी निर्देशों के बाद गूगल ने टेलीग्राम को प्ले स्टोर से हटा दिया, जबकि रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि एप्पल भी इसी तरह की कार्रवाई कर सकता है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि ऑनलाइन दुरुपयोग को रोकने के लिए किसी पूरे प्लेटफॉर्म पर बैन लगाना कितना प्रभावी उपाय है। Durov का तर्क है कि जब किसी एक प्लेटफॉर्म पर रोक लगाई जाती है तो गलत गतिविधियों में शामिल लोग दूसरे ऐप्स का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं, जबकि सामान्य यूज़र्स अपने कम्युनिकेशन के एक महत्वपूर्ण माध्यम से वंचित हो जाते हैं।
India’s IT ministry banned Telegram for one week because some users shared leaked exam questions.
— Pavel Durov (@durov) June 16, 2026
This punishes 150M+ ordinary Telegram users in India — not the insiders who leaked the exam materials.
And the ban hasn't stopped anything. The leaks just moved to other apps. https://t.co/CzQWN4mXfb
इस बीच भारत में 23 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पिछली विवादित घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। इसके तहत प्रश्नपत्रों के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए भारतीय एयर फोर्स की मदद ली जा रही है और परीक्षा केंद्रों पर निगरानी भी पहले की तुलना में ज्यादा कड़ी कर दी गई है।
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