देश-विदेश के टेक लीडर्स जहां AI Impact Summit में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं इस ग्लोबल मंच पर सबसे ज्यादा चर्चा एक 8 साल के कीनोट स्पीकर की हो रही है। यह नाम है Ranveer Singh Sachdeva- जिन्हें चाइल्ड प्रोडिजी, टेक्नोलॉजिस्ट और ग्लोबल ऑथर के रूप में जाना जाता है। कम उम्र, लेकिन बड़े विज़न के साथ रणवीर इस समिट में प्राचीन भारतीय दर्शन और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के संगम पर बोलने वाले हैं।
रणवीर सिंह सचदेवा का कहना है कि वे इस इवेंट के सबसे कम उम्र के कीनोट स्पीकर हैं। अपने सेशन में वे बताएंगे:
Ranveer Singh Sachdeva का जन्म 2017 में हुआ और वे महज 8 साल के हैं। इतनी कम उम्र में वह टेक्नोलॉजिस्ट, ग्लोबल ऑथर, TEDx स्पीकर और कई टेक संगठनों के एम्बेसेडर रह चुके हैं। वे पहले भी AI for Good Global Summit में सबसे युवा कीनोट स्पीकर रहे हैं। इतना ही नहीं, सितंबर 2024 में मात्र 6 साल की उम्र में वे UN हेडक्वार्टर के जनरल असेंबली सेशन में भाग लेने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रतिभागियों में शामिल रहे।
जुलाई 2025 में भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने भी उन्हें AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर युवाओं के सामने बोलने के लिए आमंत्रित किया था।
AI for Good Summit में रणवीर ने इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के एम्बेसेडर के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी पहचान सिर्फ ‘सबसे कम उम्र’ तक सीमित नहीं है, बल्कि वे AI के सामाजिक प्रभाव और शिक्षा में इसकी भूमिका पर स्पष्ट दृष्टिकोण रखते हैं।
रणवीर 2023 में महज 5 साल की उम्र में Apple Swift प्रोग्रामिंग सीखने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रोग्रामर्स में शामिल रहे। उन्हें Tim Cook द्वारा आयोजित Apple Worldwide Developers Conference (WWDC) में शामिल होने के लिए कैलिफोर्निया स्थित Apple के मुख्यालय में आमंत्रित किया गया था। यह उपलब्धि उन्हें वैश्विक टेक मंच पर पहचान दिलाने में अहम रही।
AI Impact Summit में रणवीर यह भी दिखाएंगे कि भारत का AI मॉडल सिर्फ टेक्निकल डेवलपमेंट तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ा है। उनके अनुसार, AI लिटरेसी बढ़ाने से भारत की GDP में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।