Mark Zuckerberg ने चल दी अपनी चाल! Meta ने पेश किया नया AI मॉडल Muse Spark, Gemini-ChatGPT के छूट जाएंगे पसीने!

HIGHLIGHTS

Meta ने नया AI मॉडल Muse Spark लॉन्च किया है

यह मॉडल Llama 4 से ज्यादा तेज और स्मार्ट बताया गया है

कंपनी अब पर्सनल सुपरइंटेलीजेंस पर फोकस कर रही है

Meta ने बुधवार को अपना नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल Muse Spark पेश किया है. इसे कंपनी ने पहले से ज्यादा तेज और स्मार्ट बताया है. यह मॉडल Meta के Superintelligence Labs के बड़े बदलावों के बाद सामने आया है. यानी Google, OpenAI को टक्कर देने के लिए कंपनी पूरी तैयारी में है. Meta के CEO Mark Zuckerberg इस नए मॉडल के साथ AI की रेस में पीछे नहीं रहना चाहते हैं.

नए सिरे से तैयार किया गया है AI सिस्टम

कंपनी के अनुसार, पिछले नौ महीनों में Meta Superintelligence Labs ने अपने पूरे AI सिस्टम को नए सिरे से तैयार किया है, जिसके बाद यह नया मॉडल विकसित किया गया है. आपको बता दें कि Muse Spark, पिछले साल आए Llama 4 का अपग्रेडेड वर्जन है और अब यह Meta के कई प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाएगा.

इसमें Meta का AI ऐप, स्मार्ट ग्लासेस, और Facebook, Instagram, WhatsApp और Messenger जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं. फिलहाल यह मॉडल केवल अमेरिका में उपलब्ध कराया गया है. कंपनी ने Muse Spark को खास तौर पर छोटा और तेज डिजाइन किया है, ताकि यह जटिल सवालों को भी समझ सके. यह मॉडल विज्ञान, गणित और हेल्थ जैसे विषयों से जुड़े कठिन सवालों पर बेहतर तरीके से सोचने और जवाब देने में सक्षम बताया गया है.

AI की रेस तेज

यह Muse सीरीज का पहला मॉडल है और कंपनी पहले से ही इसके अगले वर्जन पर काम कर रही है. Llama 4 के मुकाबले यह लॉन्च इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ समय में AI की रेस काफी तेज हो गई है. चीन, फ्रांस और अमेरिका की कंपनियों ने लगातार नए और बेहतर मॉडल लॉन्च किए हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है.

इसी वजह से Meta के CEO Mark Zuckerberg ने अपनी AI टीम में बड़े बदलाव किए. इस दौरान कंपनी के रिसर्च प्रमुख Yann LeCun का भी कार्यकाल खत्म हुआ.

Meta ने पिछले साल AI टैलेंट को जोड़ने के लिए बड़ा अभियान चलाया था. इस दौरान Scale AI के को-फाउंडर Alexandr Wang को कंपनी में लाकर Superintelligence Labs की जिम्मेदारी दी गई. इसके अलावा OpenAI, Anthropic और Google जैसी कंपनियों से भी कई एक्सपर्ट्स को जोड़ा गया.

यह बदलाव Meta की रणनीति में भी बदलाव दिखाता है. पहले कंपनी ओपन और फ्री AI मॉडल्स पर ज्यादा ध्यान देती थी, लेकिन अब फोकस ऐसे AI सिस्टम बनाने पर है जो यूजर के अनुभव को बेहतर तरीके से समझ सके. कंपनी का कहना है कि उसका लक्ष्य “personal superintelligence” बनाना है, यानी ऐसा AI जो सिर्फ सवालों के जवाब न दे, बल्कि यूजर की जरूरतों और उसके माहौल को समझकर काम करे.

यह भी पढ़ें: OnePlus Nord 6 भारत में लॉन्च, 165Hz स्क्रीन और 9000mAh की बैटरी से लैस, जानें कीमत-ऑफर और फीचर्स

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं.

Connect On :