भारत बन सकता है अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी का जनक: सीओएआई

Updated on 18-May-2018
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टेलीकॉम, इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों की शीर्ष संगठन सीओएआई के महानिदेशक राजन एस मैथ्यू ने बुधवार को दूरसंचार क्षेत्र में सरकार की पहल की सराहना की और कहा कि नेशनल डिजिटल कम्युनिकेशंस पॉलिसी (एनडीसीपी)-2018 से भारत अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी जनक बन सकता है।

टेलीकॉम, इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों की शीर्ष संगठन सीओएआई के महानिदेशक राजन एस मैथ्यू ने बुधवार को दूरसंचार क्षेत्र में सरकार की पहल की सराहना की और कहा कि नेशनल डिजिटल कम्युनिकेशंस पॉलिसी (एनडीसीपी)-2018 से भारत अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी जनक बन सकता है। उन्होंने कहा कि एनडीसीपी 2018 में स्पेक्ट्रम को प्राकृतिक संसाधन माना गया है और इसमें पर्याप्त उपलब्धता, सदुपयोग और सेवा प्रदाताओं के बीच ईमानदारी और पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। 

राजन मैथ्यू ने यहां गुरुवार को विश्व दूरसंचार व सूचना समाज दिवस पर कहा कि सीओएआई दूरसंचार विभाग का आभारी है क्योंकि विभाग ने दूरसंचार क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही चिंताएं दूर हो गई हैं। ड्राफ्ट पॉलिसी में विभिन्न करों और शुल्कों को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव है जिसके तहत लाइसेंस शुल्क, स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क और युनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड, जीएसटी आदि मसलों का हल निकालना आसान होगा। 

उन्होंने कहा, "देश में टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं के विकास का रास्ता साफ होने के साथ 40 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और कौशल विकास के काम में भी तेजी आएगी। संचार उद्योग में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के प्रस्तावित निवेश से न केवल संचार सेवाएं लोगों के लिए सुलभ होंगी बल्कि उद्योग को भी अपेक्षित राहत मिलेगी।"

मैथ्यू ने कहा, "टेलीकम सेक्टर का एक अन्य सकारात्मक पहलू ईज ऑफ डुइंग बिजनेस पर ट्राई के सराहनीय सुझाव हैं जिनका सीओएआई स्वागत करता है। उड़ान के दौरान भी कनेक्टिविटी की अनुमति दी जाएगी। लाइसेंस प्राप्त सेवादाताओं के तालमेल से यह नीति लागू करने पर सुनिश्चित नेटवर्क मिलेगा और दूरसंचार कंपनियों के साथ विमान सेवा कंपनियों के लिए निरंतर आमदनी का स्रोत बन जाएगा।"

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IANS

Indo-Asian News Service

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