Top 5 Smart CCTV Cameras Under ₹2000
1 अप्रैल से भारत में CCTV कैमरों को लेकर बड़ा बदलाव हो सकता है। हालांकि, अभी आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन रिपोर्ट्स आदि की मानें तो सरकार नए नियम लागू करने जा रही है, जिसके बाद कई चीनी कंपनियों के CCTV कैमरे भारत में बेचे नहीं जा सकेंगे। इनमें खास तौर पर Hikvision, Dahua और TP-Link जैसी कंपनियों का नाम सामने आ रहा है।
सरकार ने अब यह नियम बना दिया है कि भारत में बिकने वाले हर इंटरनेट से जुड़े CCTV कैमरे को STQC (Standardisation Testing and Quality Certification) सर्टिफिकेशन लेना जरूरी होगा। इस सर्टिफिकेशन के बिना कोई भी कंपनी भारत में अपने CCTV प्रोडक्ट नहीं बेच पाएगी। बताया जा रहा है कि कई चीनी कंपनियों को यह सर्टिफिकेशन नहीं मिल रहा है, इसलिए उनके प्रोडक्ट्स पर रोक लग सकती है।
असल में यह फैसला सिर्फ बिजनेस से जुड़ा नहीं है, बल्कि सिक्योरिटी कारणों से लिया जा रहा है। सरकार को चिंता है कि कुछ विदेशी CCTV कैमरों के जरिए डेटा या वीडियो फुटेज बाहर भेजा जा सकता है या अनधिकृत एक्सेस हो सकता है। इसलिए अब कंपनियों को यह भी बताना होगा कि उनके कैमरे में इस्तेमाल होने वाला चिपसेट किस देश का है और डिवाइस सिक्योरिटी टेस्ट पास करना होगा।
यह नियम 2024 में ही घोषित कर दिए गए थे और कंपनियों को 2 साल का समय दिया गया था। अब यह समय खत्म हो रहा है और 1 अप्रैल से नए नियम पूरी तरह लागू किये जा सकते हैं।
पहले भारत के CCTV मार्केट में चीनी कंपनियों का बड़ा हिस्सा था, लेकिन अब भारतीय कंपनियां तेजी से आगे आ गई हैं। जैसे: CP Plus, Qubo, Prama, Matrix और Sparsh।
रिपोर्ट्स के अनुसार अब भारत के CCTV मार्केट में 80% से ज्यादा हिस्सेदारी भारतीय कंपनियों की हो चुकी है। यानी अगर चीनी कंपनियों पर रोक लगती है, तो भारतीय कंपनियों को सीधा फायदा होगा।
आम यूजर्स के लिए इसका मतलब यह है: