डिजिटल कंटेंट पर निगरानी बढ़ाते हुए भारत सरकार ने पांच ओवर-द-टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया है. अधिकारियों ने जानकारी दी कि इन प्लेटफॉर्म्स पर कथित रूप से अश्लील और पोर्नोग्राफिक सामग्री प्रसारित की जा रही थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.
जिन प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगाई गई है, उनमें MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu शामिल हैं. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को निर्देश जारी कर इन प्लेटफॉर्म्स की पहुंच प्रतिबंधित करने को कहा है.
यह कार्रवाई Information Technology Act, 2000 की धारा 69A के तहत की गई है. यह प्रावधान सरकार को उन ऑनलाइन कंटेंट तक सार्वजनिक पहुंच रोकने का अधिकार देता है, जो कानूनी मानकों का उल्लंघन करते हैं या जिन्हें अश्लील और हानिकारक माना जाता है.
इसके साथ ही Information Technology Rules, 2021 के तहत भी आदेश जारी किए गए. अधिकारियों के अनुसार, इन नियमों का उद्देश्य सार्वजनिक शालीनता बनाए रखना, राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना और डिजिटल मीडिया में नैतिक मानकों को लागू करना है.
प्रक्रिया के तहत जैसे ही किसी प्लेटफॉर्म को गैर-अनुपालन वाला घोषित किया जाता है, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को उसे ब्लॉक करना होता है. अधिकारियों ने कहा कि हालिया कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है.
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जिन प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगाई गई, वे बिना किसी सामाजिक या सार्थक विषय के खुला यौन कंटेंट और नग्नता से जुड़े दृश्य प्रसारित कर रहे थे. यह सामग्री आईटी नियमों और अश्लीलता संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करती पाई गई.
इनमें से कई प्लेटफॉर्म्स पर Information Technology Act, 2000 की धारा 67 और 67A का उल्लंघन करने का आरोप है, जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील या यौन स्पष्ट सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने पर रोक लगाती हैं.
सरकार का कहना है कि यह कदम ऑनलाइन अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर अंकुश लगाने के प्रयासों का हिस्सा है.
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी कई प्लेटफॉर्म्स को इसी तरह की सामग्री को लेकर नोटिस और चेतावनी जारी की गई थी. पिछले वर्ष करीब दो दर्जन OTT सेवाओं को कथित रूप से अश्लील सामग्री प्रकाशित करने के आरोप में ब्लॉक किया गया था.
कई प्लेटफॉर्म्स ने शुरुआती कार्रवाई के बाद वैकल्पिक डोमेन के जरिए संचालन जारी रखा, जिसके बाद दोबारा सख्त कदम उठाने पड़े. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 2025 की शुरुआत में भी आईटी नियम, 2021 के तहत आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने की याद दिलाई थी.
अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय गृह मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विधि विभाग सहित कई सरकारी विभागों से परामर्श के बाद लिया गया. इसके अलावा उद्योग संगठनों, महिला अधिकार समूहों और बाल संरक्षण विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए गए.
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और Confederation of Indian Industry जैसे उद्योग संगठनों ने भी कंटेंट मानकों और अनुपालन ढांचे की समीक्षा में भाग लिया.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से OTT प्लेटफॉर्म्स को अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत करना पड़ेगा. उम्र आधारित वर्गीकरण, सख्त आंतरिक निगरानी और नियमों के अनुपालन को प्राथमिकता देनी होगी. सरकार की यह कार्रवाई व्यापक डिजिटल मीडिया नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक हित के बीच संतुलन बनाए रखना है.
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