WhatsApp पर आता है एक फाइल, डाउनलोड करते ही बैंक अकाउंट खाली..नए स्कैम को लेकर CID ने किया अलर्ट

देशभर में एक खतरनाक साइबर स्कैम तेजी से फैल रहा है. इसमें आम नागरिकों को WhatsApp पर फर्जी RTO चालान भेजकर ठगा जा रहा है. हिमाचल प्रदेश राज्य साइबर सेल के मुताबिक इस ठगी में दोपहिया या चारपहिया वाहनों के चालान के नाम पर एक संदिग्ध मैसेज भेजा जाता है. इसमें एक APK फाइल डाउनलोड करने का लिंक होता है.

जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है और फाइल इंस्टॉल करता है, उसका मोबाइल डिवाइस और WhatsApp अकाउंट हैक हो जाता है. इस प्रोसेस के जरिए फ्रॉडस्टर्स पीड़ित का निजी डेटा, बैंक डिटेल्स, पासवर्ड्स, कॉन्टैक्ट लिस्ट और अन्य संवेदनशील जानकारियां चुरा लेते हैं. इसका इस्तेमाल पहचान की चोरी (identity theft) और भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है.

डिजिटल फ्रॉड का नया तरीका

Tribune India की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य CID साइबर क्राइम यूनिट के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) मोहित चावला ने इस स्कैम की पुष्टि करते हुए इसे “डिजिटल फ्रॉड का नया और खतरनाक तरीका” बताया है. उन्होंने कहा कि “फ्रॉडस्टर अब फर्जी चालान भेज रहे हैं जो देखने में पूरी तरह ऑफिशियल लगते हैं. लेकिन जैसे ही लोग उस लिंक पर क्लिक करते हैं, उनका फोन हैक हो जाता है. इसके बाद नुकसान काफी बड़ा हो सकता है.”

DIG चावला ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान स्रोतों से भेजे गए APK फाइल्स कभी डाउनलोड न करें. अगर किसी को चालान से जुड़ा कोई मैसेज मिले तो उसकी पुष्टि सरकारी वेबसाइट या ऑफिशियल ऐप्स से जरूर करें.

1930 पर करें कॉल

इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर किसी को इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होना पड़े तो वह तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पूरी जानकारी दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके.

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस तरह के नए साइबर हमलों से बचने का सबसे असरदार तरीका जागरूकता और सतर्कता है. तकनीकी ठगी के इन नए तरीकों से बचना तभी मुमकिन है जब लोग खुद सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल से दूरी बनाए रखें.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है.

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