Google Android यूजर्स के लिए चेतावनी जारी हुई है! इसमें बताया गया है कि कई वर्जन में खतरनाक खामियां मिली हैं, जिसका फायदा हैकर्स उठा सकते हैं. भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने इसको लेकर चेतावनी जारी की है. आपको बता दें कि यह सरकारी एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतगर्त आती है.
CERT-In ने Android यूजर्स के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है. इस हाई-सीवियरिटी एडवाइजरी (CIVN-2025-0293) में कहा गया है कि Google Android ऑपरेटिंग सिस्टम में कई खतरनाक खामियां मिली हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस पर पूरा कंट्रोल हासिल कर सकते हैं.
इन कमजोरियों के जरिए साइबर अटैकर्स सिस्टम में अनधिकृत एक्सेस, डिवाइस पर मैलवेयर इंस्टॉल, संवेदनशील डेटा चोरी, बैंकिंग और क्लाउड अकाउंट तक पहुंच और फोन को क्रैश करने जैसी एक्टिविटी कर सकते हैं. CERT-In ने इसे उच्च-जोखिम (High Risk) की श्रेणी में रखा है, जिससे इसका खतरा साफ समझ आता है.
यह सुरक्षा खामी Android के लेटेस्ट जनरेशन वर्जन Android 13, Android 14, Android 15 और Android 16 में पाई गई है. यानी लगभग सभी मॉडर्न Android स्मार्टफोन्स, टैबलेट्स और IoT डिवाइस इसके दायरे में आते हैं. इसमें Samsung, Xiaomi, OnePlus, Realme, Vivo, Oppo, Motorola, Google Pixel जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं.
CERT-In के अनुसार, ये कमजोरियां उन चिपसेट और सिस्टम कॉम्पोनेंट्स से जुड़ी हैं जो Qualcomm, MediaTek, NVIDIA, Broadcom और UNISOC द्वारा डेवलप किए जाते हैं. यानी वही हार्डवेयर जो भारत में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर Android फोन्स में मिलता है. यह दिक्कत गूगल एंड्रॉयड सिक्योरिटी बुलेटिन (नवंबर 2025) में हाइलाइट की गई थी.
अगर कोई यूजर अपने फोन को समय पर अपडेट नहीं करता है, तो हैकर उसके डिवाइस पर एडमिन लेवल प्रिविलेज हासिल कर सकता है और उसके फोन को पूरी तरह अपने कब्जे में ले सकता है. इस तरह के साइबर अटैक से न सिर्फ फोन का डेटा खतरे में आता है, बल्कि बैंकिंग ऐप्स, UPI ट्रांजैक्शंस और WhatsApp/ईमेल जैसे कम्युनिकेशन चैनल भी रिस्क में आ सकते हैं.
CERT-In ने साफ कहा है कि जो यूजर्स लेटेस्ट सुरक्षा पैच इंस्टॉल नहीं करेंगे, उनके डिवाइस सबसे ज्यादा खतरे में हैं. चूंकि कई बजट और पुराने फोन देर से अपडेट पाते हैं, ऐसे यूजर्स को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.
इस एडवाइजरी से साफ है कि स्मार्टफोन सुरक्षा को हल्के में लेना अब विकल्प नहीं है. भारत में करोड़ों Android यूजर्स हैं, और ऐसे में साइबर अटैक का दायरा बड़ा हो सकता है. इस वजह से यह समय है सावधान रहने और यह सुनिश्चित करने का कि आपका डिवाइस पूरी तरह अपडेटेड हो.
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