Apple अपनी कॉन्टैक्टलेस पेमेंट सर्विस को भारत में लाने की तैयारी में है, जिसे 10 साल से भी पहले वैश्विक स्तर पर शुरू किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी देश के प्रमुख बैंकों और डिजिटल पेमेंट कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है ताकि अपनी भुगतान सेवा को भारतीय बाजार में पेश कर सके। फिलहाल कंपनी ने आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन अनुमान है कि यह सेवा मिड-2026 तक लॉन्च हो सकती है।
Apple की यह पेमेंट सर्विस पहली बार सितंबर 2014 में अमेरिका में शुरू की गई थी और इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसका विस्तार हुआ। इसके बावजूद दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल भारत अब तक इसकी पहुंच से बाहर रहा है। लेटेस्ट रिपोर्ट्स संकेत देती हैं कि कंपनी अब भारतीय बाजार में एंट्री को लेकर सक्रिय रूप से रणनीति बना रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी देश के प्रमुख वित्तीय संस्थानों जैसे ICICI Bank, HDFC Bank और Axis Bank के साथ बातचीत कर रही है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कार्ड नेटवर्क Visa और Mastercard के साथ ट्रांजैक्शन फीस और साझेदारी से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा चल रही है। पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि यह सेवा 2025 के अंत तक आ सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब नई जानकारी के अनुसार मिड-2026 में लॉन्च की संभावना तेज़ होती दिख रही है।
इंडस्ट्री से जुड़े कई सूत्रों का दावा है कि शुरुआती चरण में यह सेवा क्रेडिट और डेबिट कार्ड आधारित कॉन्टैक्टलेस पेमेंट को सपोर्ट करेगी। इसके बाद भारत UPI सिस्टम को जोड़े जाने की उम्मीद है। हालांकि रेगुलेटरी अप्रूवल और अनुपालन से जुड़े नियमों के कारण UPI इंटीग्रेशन चरणबद्ध तरीके से होने की संभावना बताई जा रही है।
अगर यह सेवा भारत में शुरू होती है, तो इसे पहले से मजबूत डिजिटल पेमेंट बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में इस क्षेत्र में BHIM UPI, PhonePe, Amazon Pay और Google Pay जैसे प्लेटफॉर्म्स का दबदबा बना हुआ है। भारत में UPI आधारित लेनदेन की तेज़ स्वीकार्यता Apple के लिए अवसर भी है और चुनौती भी।
संभावित लॉन्च के बाद भारत में iPhone यूज़र्स को कंपनी के इकोसिस्टम के अंदर सहज और सुरक्षित कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का अनुभव मिल सकता है। इसमें टोकनाइज्ड ट्रांजैक्शन, Face ID या Touch ID के जरिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और डिजिटल वॉलेट आधारित भुगतान जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूज़र्स को यह सर्विस एक्टिवेट करने से पहले सभी नियमों और सेफ्टी गाइडलाइन्स को ध्यान से समझना चाहिए।
फिलहाल, इस पूरी प्रक्रिया को लेकर कंपनी की ओर से आधिकारिक घोषणा या साझेदारियों की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।
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